पालघर : महाराष्ट्र के पालघर जिले स्थित डहाणू में सामने आए कथित ‘लव जिहाद’ मामले को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामले के विरोध में सकल हिंदू समाज की ओर से 10 जून को डहाणू बंद का आह्वान किया गया है। इस आह्वान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर विभिन्न हिंदू संगठनों और नागरिकों में इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। संगठनों का कहना है कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बंद के आह्वान को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक चित्रा वाघ ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देने का निर्णय लिया है। वह 10 जून को दोपहर 12:30 बजे डहाणू स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार परिषद को संबोधित करेंगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रख सकती हैं।
जांच के लिए बनी एसआईटी : बताया जा रहा है कि इससे पहले चित्रा वाघ ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है कि मामले की विस्तृत जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन को इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशीलता के साथ जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए।
सुरक्षा बढ़ाई गई : स्थानीय प्रशासन ने भी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संभावित प्रदर्शन और बंद को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल, मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। 10 जून को प्रस्तावित डहाणू बंद और भाजपा विधायक की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर क्षेत्र में स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने एक महिला और उसकी नाबालिग बहन के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में 22 वर्षीय एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. डहानू की उप पुलिस अधीक्षक अंकिता कानसे ने बताया कि पीड़ितों द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद 1 जून को आरोपी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई.
आरोपी युवक पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दुष्कर्म और छेड़छाड़ की धाराएं लगाई गई हैं. घटना के बाद से ही आरोपी फरार है और पुलिस प्रशासन ने उसकी तलाश के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है जो लगातार छापेमारी कर रही हैं.
