नई दिल्ली : देशभर में हो रही लगातार भारी बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. सड़कों पर पानी भरा है और रेलवे ट्रैक डूब चुके हैं, जिससे हजारों यात्री बीच रास्ते में फंस गए हैं. ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां झांसी से मुंबई जा रही एक ट्रेन को गुजरात के भरूच स्टेशन पर ही टर्मिनेट कर दिया गया. इसके बाद ट्रेन में सवार महिला यात्रियों और बच्चों को जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ा, उसे देखकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.
झांसी से 5 जुलाई को शाम 4:50 बजे छूटी ट्रेन को अगले दिन शाम को मुंबई पहुंचना था. लेकिन गुजरात के भरूच आते-आते सब कुछ बदल गया. भारी बारिश और ट्रैक पर पानी भरने की वजह से ट्रेन को दोपहर 12:30 बजे भरूच स्टेशन पर ही रोक दिया गया. इसके बाद रात 8 बजे अचानक एलान हुआ कि ट्रेन को आगे नहीं भेजा जाएगा और इसे यहीं टर्मिनेट किया जा रहा है. इसके बाद यात्रियों की मुश्किलें दोगुनी हो गई.
बीच रास्ते में अटकी ट्रेन : भरूच स्टेशन पर पिछले 12 घंटे से फंसी एक महिला यात्री ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर अपना दर्द बयां किया है. महिला ने आरोप लगाया कि इंडियन रेलवे उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है. ट्रेन के अंदर की बिजली काट दी गई है, AC और चार्जिंग पॉइंट्स पूरी तरह बंद हैं. ऐसे में उमस और गर्मी के बीच यात्रियों का बैठना मुश्किल हो गया है.
RPF पर बदसलूकी का आरोप : वीडियो में महिला ने रेलवे सुरक्षा बल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का कहना है कि RPF के जवान कोच के अंदर आए और उन्होंने जबरन यात्रियों को बाहर निकलने के लिए कहा. उनका बर्ताव बहुत ही खराब था. यात्रियों को बारिश के बीच उस प्लेटफॉर्म पर बैठने को कहा गया, जो खुद पानी में डूबा हुआ था. हेल्पलाइन नंबर भी काम नहीं कर रहे थे.
इंसानियत की गुहार भी फेल : एक दूसरे वीडियो में कुछ महिलाएं स्टेशन मास्टर के सामने हाथ जोड़ती नजर आ रही हैं. महिलाएं सुबह के 5 बजे स्टेशन मास्टर से कह रही हैं कि बच्चों और महिलाओं की खातिर सिर्फ दो घंटे के लिए ट्रेन की लाइट ऑन रहने दें, ताकि वे अंदर सुरक्षित बैठ सकें. लेकिन रेलवे स्टाफ ने उनकी एक न सुनी. इसके बाद ट्रेन के गेट लॉक कर दिए गए ताकि कोई अंदर न जा सके.
इंटरनेट पर छिड़ गई बहस : ये वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया और लोग इस पर अपनी राय देने लगे. हालांकि, कई यूजर्स का मानना है कि इसमें रेलवे की कोई गलती नहीं है. एक यूजर ने लिखा, “इतनी भारी बारिश में थोड़ी परेशानी तो होगी ही.” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “यह प्राकृतिक आपदा है, इसमें रेलवे कुछ नहीं कर सकती. जब सरकार ने पहले ही एडवाइजरी जारी की थी, तो ऐसे मौसम में सफर ही क्यों किया?”
कुछ लोगों ने कमेंट में बताया कि मुंबई रीजन में ट्रेनें 14 से 18 घंटे लेट चल रही थीं. आगे और ज्यादा देरी न हो, इसलिए ट्रेनों को गुजरात और महाराष्ट्र के बॉर्डर पर ही शॉर्ट-टर्मिनेट किया जा रहा है. एक अन्य यात्री ने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि उनके साथ भी अहमदाबाद से मुंबई जाते वक्त ऐसा ही हुआ था, जिसके बाद उन्हें मजबूरन वापस लौटना पड़ा.
