रांची : झारखंड की राजधानी रांची में कई ऐसे महंगे और बड़े और फेमस स्कूल हैं। जहां की फीस लाखों में है। वहां बच्चों की भीड़ लगी रहती है। एडमिशन के लिए अभिभावकों को लाइन में लगना पड़ता है और पैरवी तक करानी पड़ती है। लेकिन शहर के बीचो बीच में थड़पखना स्थित राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय की चर्चा इन दिनों खूब हो रही है।
दरअसल, इस स्कूल में तीन सहायक टीचर मौजूद हैं, लेकिन इस स्कूल में सिर्फ दो बच्चों का नामांकन हैं। लेकिन हर दिन स्कूल एक ही बच्ची पढ़ने आती हैं। इस बच्चा का सपना बड़ा होकर डॉक्टर बनने का हैं। लेकिन उसे स्कूल में अपने सहपाठी की तलाश है, जिसके साथ प्रतिस्पर्धा कर वो जीवन में आगे बढ़ सके।
तीनों शिक्षक 2 बच्चों को पढ़ाने हर दिन आते हैं स्कूल : पढ़ने का जज्बा रखने वाली दोनों बच्चों को स्कूल में हर दिन दोपहर में भोजन भी मिलता हैं। सरकार की ओर से किताब-कॉपी और स्कूल बैग के अलावा अन्य सभी सुविधाएं भी मिलती हैं। सिर्फ दो बच्चों के लिए स्कूल में मध्याह्न भोजन की भी व्यवस्था हैं। स्कूल भवन में सैकड़ों बच्चों के बैठने के लिए बेंच-डेस्क भी हैं। ब्लैक बोर्ड और अन्य सुविधाएं भी हैं। पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षक भी हैं, लेकिन ये दोनों कितने दिन तक स्कूल आएंगे, यह बता पाना मुश्किल हैं।
स्कूल में पढ़ाते हैं तीन शिक्षक : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई दिन तो पूरे विद्यालय में अकेली बच्ची ही पढ़ने आती है, क्योंकि दूसरा छात्र बीमार रहने और अन्य कारणों से स्कूल नहीं आ पाता, लेकिन बच्ची पर दिन समय पर स्कूल पहुंच जाती हैं और फर्स्ट बेंच में बैठकर पढ़ाई करती है। वहीं तीन शिक्षक भी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। जबकि स्कूल में बच्चों के लिए खाना बनाने वाली एक रसोइयां भी हर दिन समय पर आकर बच्चे के लिए खाना बना देती हैं। (साभार: नवभारत टाइम्स)
