झारखंड : धक्का मारा फिर भी स्टार्ट नहीं हुई एंबुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले मां की गोद में बेटी ने तोड़ा दम

Gumla-Ambulance

गुमला : झारखंड की हेमंत सरकार और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार का दावा करते हैं। राज्य सरकार हर साल बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए खर्च भी खूब करती है, लेकिन फिर भी एम्बुलेंस जैसी जरूरी सुविधा दुरुस्त नहीं हो पा रही। इसका उदाहरण गुमला में देखने को मिला, जहां मरीज को ले जाने वाली एम्बुलेंस स्टार्ट ही नहीं हुई। लोगों ने एम्बुलेंस को धक्का मार कर स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन एम्बुलेंस नहीं चली। नतीजा समय से अस्पताल नहीं पहुंचने की वजह से बीमार बेटी ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।

मामला गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। यहां एक 14 साल की छात्रा शिवानी कुमारी की तबीयत खराब हो गई। उसे तेज बुखार और सिर दर्द होने लगा। उसकी हालत बिगड़ता देख पिता कृष्णा लोहरा और मां राजमुनी सहित अन्य परिजन शिवानी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने बीमार शिवानी को देखा और गुमला सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

स्वास्थ्य केंद्र में खड़ी एम्बुलेंस को मरीज को गुमला सदर अस्पताल पहुंचाना था, लेकिन एम्बुलेंस किसी तकनीकी खराब के चलते स्टार्ट ही नहीं हो पाई। वहां मौजूद लोगों ने एम्बुलेंस में धक्का मारकर स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन फिर भी एम्बुलेंस स्टार्ट नहीं हुई। ऐसा करते हुए करीब आधा घंटा बीत गया।

इधर शिवानी की हालत बिगड़ती जा रही थी। ऐसे में घरवालों ने एक वैन को किराए पर किया और मां राजमुनी ने बेटी का सिर अपनी गोद में रख लिया। वैन में लेकर घरवाले गुमला सदर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि उसकी मौत पहले ही हो गई। समय पर बच्ची को अस्पताल लाते तो शायद बच्ची इलाज से बच सकती थी।

परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस नहीं मिलने और समय पर इलाज नहीं करने से उनकी बीमार बेटी की मौत हो गई। बेटी को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, फिर भी ऑक्सीजन नहीं दी गई।

मेरी बेटी को बुखार और सिर में दर्द था। स्वास्थय केंद्र ले गए तो वहां से गुमला ले जाने के लिए कहा गया। गुमला ले जाने के लिए खराब एम्बलेंस दे दी, जो धक्का मारने पर भी स्टार्ट नहीं हुई। बाद में किसी तरह पैसे की जुगाड़ कर बेटी को गुमला ले गए, लेकिन वहां पहुंचने से पहले मौत हो गई। कृष्णा लोहरा, मृतका के पिता

मामला सामने आने पर एसडीओ चैनपुर हरि उरांव ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जहां तक एम्बुलेंस खराब होने का सवाल है तो उसे अस्पताल के फंड से ठीक करा कर उपयोग के लिए लाया जाएगा।