रांची : झारखंड के स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जो सीधे तौर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र जामताड़ा से जुड़ा है। मामले में आयुष्मान योजना के तहत फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला उपायुक्त रवि आनंद ने औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दस्तावेजों में एक महीने के भीतर 600 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन दिखाए गए थे, लेकिन जब टीम अस्पताल पहुंची तो वह पूरी तरह बंद मिला।
फर्जी मरीजों के जरिए क्लेम लेने की बात आई : निरीक्षण में करमाटांड़ नर्सिंग होम समेत कई संस्थानों में भारी अनियमितता पाई गई। अस्पताल बिना आवश्यक स्वीकृति के संचालित हो रहा था। मरीजों के नाम पर दर्ज मोबाइल नंबर या तो बंद थे या दूसरे राज्यों के निकले। इससे पूरे मामले में फर्जी मरीजों के जरिए क्लेम लेने की आशंका मजबूत हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में न तो प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद थे और न ही जरूरी रिकॉर्ड। ओपीडी का संचालन नियमों के खिलाफ हो रहा था और दवाइयां भी बिना लाइसेंस के बेची जा रही थीं।
अस्पताल को सील करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश : ऑपरेशन के बाद मरीजों को तुरंत डिस्चार्ज कर दिया जाता था, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। डीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल को सील करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। साथ ही सिविल सर्जन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस पूरे मामले ने आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
