धनबाद : झारखंड में धनबाद जिला अंतर्गत झरिया के घनुडीह ओपी के बाहर अपने मृत भाई तुषार को इंसाफ दिलाने के लिए एक बहन बुधवार को धरने पर बैठ गयी। बोकारो जिला के बोकारो थर्मल निवासी रेशमी सिंह का आरोप है कि 11 नवम्बर 2025 से लापता भाई का शव 5 दिनों बाद 16 नवंबर 2025 को घनुडीह ओपी क्षेत्र के पांडेवड़ा के समीप झाड़ियों में मिला था। इसके बाद से पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है।
पुलिस से जब भी बात होती है तो वह कहते हैं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही की जाएगी। तो क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने महीनों लगते है, या पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कार्यवाही की जाती है। पुलिस की लापरवाही के कारण हमारे भाई के हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। तुषार की बहन का आरोप है कि पुलिस के कार्यवाही नहीं करने के कारण ही आज हमें धरने पर बैठना पड़ा है, हमारे भाई को जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा हम यह लड़ाई ऐसे ही जारी रखेंगे।
यह है मामला : 16 नवम्बर 2025 को एटी देव प्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी अंतर्गत पोखरिया स्थित घने झाड़ियों के बीच शव मिला था । घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने घनुडीह ओपी पुलिस को दिया। स्थानीय लोगों ने बताया की मृतक पांडे बेड़ा बस्ती निवासी लालचंद का साला है, मृतक की पहचान बोकारो जिला चंद्रपुरा थाना अंतर्गत राजन सिंह का पुत्र तुषार सिंह (22) के रूप मे हुआ। मृतक तुषार 11 नवंबर 2025 से लापता था, जिसकी गुमशुदगी की सूचना चंद्रपुरा क्षेत्र के स्थानीय थाना मे आवेदन दिया गया था, उस दिन से पूरे परिवार मृतक की खोजबीन कर रहे थे लेकिन कुछ पता नहीं मिल रहा था। साथ ही मृतक का मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा था और 16 नवंबर रविवार को एटी देवप्रभा पोखरिया स्थित घने झाड़ियों के बीच युवक का शव मिला था।
ओडिशा नौकरी करने के लिए जाने की बात कह कर घर से निकला था : रेशमी सिंह का कहना है कि तुषार घर का इकलौता चिराग था और वह घर से ओडिशा नौकरी करने के लिए जाने की बात कह कर घर से निकला था। जब फोन के माध्यम से बातचीत तुषार से नहीं होने लगी और मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा तो हम लोग अपने स्तर से काफी खोजबीन किया अंत मे गुमशुदगी का लिखित आवेदन चंद्रपुरा थाना में दिया।
