रांची : झारखंड में सक्रिय एक करोड़ के इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा का दबदबा अब खत्म होने जा रहा है। सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान जंगल में सक्रिय मिसिर बेसरा को सुरक्षाबलों ने जंगल में घेर लिया है। हालांकि मिसिर मेसरा के बारे में पुलिस को कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पा रही है, लेकिन इस इलाके में सक्रिय करीब दो दर्जन बड़े और खूंखार माओवादियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर करने का मन बना लिया है।
पुलिस मुख्यालय की ओर के इस संबंध में बुधवार को कई माओवादियों के सरेंडर करने की सूचना दी गई है। लेकिन सरेंडर करने वालों नक्सलियों में मिसिर बेसरा शामिल है या नहीं अथवा उसके दस्ते के कौन-कौन सदस्य शामिल है। इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस के अनुसार गुरुवार को सुबह 11 बजे ये सभी माओवादी सरेंडर करेंगे। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत झारखंड पुलिस मुख्यालय में यह आत्मसमर्पण होगा।
21 मई को सरेंडर करने वाले करीब सात माओवादी इनामी : सूत्रों के मुताबिक 21 मई को आत्मसमर्पण करने वालों में करीब सात माओवादी इनामी हैं। झारखंड में यह एक दिन में होनेवाला अबतक का सबसे अधिक आत्मसमर्पण बताया जा रहा है। इनमें छह सब जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और 13 कैडर शामिल हैं। इनमें महिला नक्सलियों की संख्या भी 10 के करीब है।
ये सभी नक्सली हथियारों के साथ सरेंडर करेंगे : सूत्रों के अनुसार 21 मई को सरेंडर करने नक्सली अपने हथियार भी पुलिस को सौपेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार के अनुसार जिन नक्सलियों की ओर से सरेंडर किया जाएगा, उनमें एक करोड़ के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर मेसरा का बॉडीगार्ड भी शामिल है। उसके पास उन्नत क्वालिटी का एलएमजी भी है, जिसकी रेंज 700 से 800 मीटर तक है। यह एक हथियार सौ पर भारी रहा है।
मिसिर बेसरा दस्ता छोड़कर हुआ गायब : एक करोड़ के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को पकड़ने के लिए पुलिस की ओर से लगातार कई महीनों से सारंडा के इलाके की घेराबंदी कर अभियान चलाया जा रहा है। जिसके कारण मिसिर बेसरा अब और भी कमजोर पड़ गया है। इस बीच दस्ते के कई सदस्यों की ओर सरेंडर करने का फैसला ले लिया गया है, जिसके बाद मिसिर बेसरा मिसिंग है। यानी, वह दस्ता से गायब है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में वह भी आत्मसमर्पण कर सकता है। फिलहाल, उसकी घेराबंदी तेज है।
7 इनामी माओवादी करने वाले हैं आत्मसमर्पण : पुलिस सूत्रों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में सात इनामी नक्सली शामिल हैं। इनमें प्रभात मुखिया, गुलशन मुंडा, रेखा मुंडाइन, सागेन अंगरिया, करन तीव, सुलेमान हांसदा और बासुमति के अलावा बैजनाथ, रघु कायम, किशोर, रामदयाल, वंदना, बसंती, मुनी राम, अनिशा, बिरसा, लादू के नाम की चर्चा है।
