झारखंड : दो एकड़ में लहलहाती फसल पुलिस ने बर्बाद की, सोशल मीडिया पर भी डाला

Latehaar-Afim-Kheti

रांची : उग्रवाद प्रभावित लातेहार जिले के तराई क्षेत्रों में अभी भी चोरी-छिपे अवैध अफीम की खेती की जा रही है। हालांकि, झारखंड पुलिस नशीले पदार्थों के विरुद्ध निरंतर अभियान चला रही है। इसी कड़ी में, लातेहार पुलिस ने मनिका थाना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की है।

पुलिस ने डोकी पंचायत के सैलदाग गांव में वन और गैर-मजरुआ भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई करीब दो एकड़ अफीम (पोस्ता) की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। पुलिस टीम ने कुदाल और लाठियों की मदद से हजारों पौधों को उखाड़कर और कुचलकर विनष्ट किया। इस कार्रवाई में स्थानीय ग्रामीणों की भी सहभागिता देखी गई।

लातेहार पुलिस के अनुसार, यह अभियान पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाया जा रहा है और मामले की आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई जिले में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ चल रहे निरंतर अभियान का एक हिस्सा है। हाल के महीनों में लातेहार पुलिस ने हेरहंज, बरियातू और अन्य थाना क्षेत्रों में दर्जनों एकड़ अवैध पोस्ता की फसल को ट्रैक्टर और मैनुअल तरीके से नष्ट किया है।

झारखंड पुलिस के मुताबिक, राज्य में ऐसे अभियानों के माध्यम से अब तक हजारों एकड़ अवैध खेती नष्ट की जा चुकी है और कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि अफीम माफिया दूरदराज के वन क्षेत्रों में गरीब किसानों को प्रलोभन देकर यह अवैध खेती करवाते हैं।

एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत की जा रही सख्त कार्रवाई से इस पर अंकुश लगाया जा रहा है। यह अभियान न केवल तस्करी को रोक रहा है, बल्कि स्थानीय समुदाय को जागरूक भी कर रहा है। लातेहार पुलिस सोशल मीडिया पर इन अभियानों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर लोगों से अवैध खेती से दूर रहने की अपील कर रही है। 

गौरतलब है कि झारखंड के चतरा और खूंटी जिलों में भी बड़े पैमाने पर चोरी-छिपे पोस्ता की खेती होती है। यह फसल फरवरी से मार्च तक तैयार हो जाती है, जिसके बाद इससे अफीम निकाली जाती है। बाजार में इसकी कीमत अत्यधिक होने के कारण तस्कर इसे पंजाब, दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों में सप्लाई करते हैं। 

खूंटी पुलिस अब तक हजारों किलो अफीम जब्त कर चुकी है और कई तस्करों को जेल भेज चुकी है, इसके बावजूद इस क्षेत्र में अफीम की खेती का सिलसिला चोरी-छिपे जारी है।