नई दिल्ली/वॉशिंगटन : खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए आसमान में एक खास नजारा देखने का मौका करीब आ रहा है। यह मौका अगले महीने की शुरुआत में होगा, जब पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। इस दौरान आसमान में चंद्रमा का रंग लाल दिखेगा, जो ना सिर्फ वैज्ञानिक रुझान रखने वालों बल्कि आम लोगों के लिए भी एक शानदार अनुभव होगा। इस चंद्र ग्रहण को दुनिया के बड़े हिस्से के साथ भारत में भी देखा जा सकेगा।
अगले महीने, 3 मार्च को दुनिया को पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। इस दौरान चांद 56 मिनट यानी करीब एक घंटे तक तक गहरे लाल रंग का नजर आएगा। चांद के लाल होने की इस घटना को ब्लड मून कहा जाता है। ब्लड मून तब होता है, जब पृथ्वी चांद तक सीधी धूप पहुंचने से रोकती है। पृथ्वी सीधे सूरज और चांद के बीच आ जाती है, जिससे चांद की सतह पर उसकी छाया पड़ती है।
एशिया के लोग देख सकेंगे ग्रहण : यह चंद्र ग्रहण भारत-पाकिस्तान समेत तकरीबन पूरे एशिया में देखा जा सकेगा। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी यह ग्रहण दिखेगा। ऐसे में दुनिया भर के स्काईवॉचर्स 3 मार्च, 2026 को एक शानदार पूर्ण चंद्र ग्रहण की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इसके समय में कुछ फर्क रहेगा।
ग्रहण के दौरान दिखने वाला चांद का लाल रंग सूरज की रोशनी के पृथ्वी के एटमॉस्फियर से गुजरने की वजह से आता है। नीली रोशनी ज्यादा आसानी से फैलती है, जबकि लाल वेवलेंथ चांद की ओर मुड़ती हैं। इससे उसे कॉपर या क्रिमसन रंग की चमक मिलती है। यह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय दिखने वाले रंगों जैसी होती है।
नंगी आंखों से देख सकते हैं चंद्र ग्रहण : सूर्य ग्रहण को सीधे देखने के लिए मना किया जाता है। इसके उलट चंद्र ग्रहण नंगी आंखों से देखने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं। चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष चश्मे की जरूरत नहीं है। हालांकि इस क्षेत्र में अध्ययन करने वाले एक्सपर्ट जरूर दूरबीन या टेलिस्कोप जैसे यंत्रों का इस्तेमाल करते हैं।
