मप्र : पति बिकता है…पत्नी ने हस्बैंड के बदले प्रेमिका से वसूले डेढ़ करोड़, अफसर-महिला अधिकारी की मोहब्बत 

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भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पदस्थ केंद्र सरकार के अपर आयुक्त स्तर के एक अधिकारी का ऑफिस में कार्य करने वाली एक महिला अधिकारी से प्रेम प्रसंग हो गया। मामला कार्यालय से बढ़कर घर तक पहुंचा तो अपर आयुक्त स्तर के अधिकारी के घर कलह शुरू हो गई। दंपति के बीच तलाक की नौबत आ गई। अधिकारी की पत्नी ने कहा कि मेरे दोनों बच्चों और मेरे भविष्य को देखते हुए पति को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। पति ने कहा कि वह अब पत्नी के साथ नहीं रह सकता तो पत्नी ने अदालत में एक डुप्लेक्स और राशि की मांग की। एक डुप्लेक्स और 27 लाख कुल डेढ़ करोड़ में सौदा हो गया। अधिकारी की प्रेमिका ने डेढ़ करोड़ की राशि अपने प्रेमी की पत्नी को चुकाकर तलाक का केस अदालत से फाइनल कराया। राजधानी भोपाल में इस तरह का अब तक के ज्ञात इतिहास का पहला मामला है, जो बॉलीवुड फिल्म ‘जुदाई’ की कहानी से पूरी तरह मेल खा रहा है।

माता-पिता के बीच विवाद से बच्चे गए थे कोर्ट : जानकारी के अनुसार 42 वर्षीय अधिकारी केंद्र सरकार में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ हैं। वे यहां पत्नी और 16 व 12 साल की बेटियों के साथ रहते हैं। उनके कार्यालय में पदस्थ 53 वर्षीय महिला अधिकारी से प्रेम हो गया। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के निवास पर आने-जाने लगे। कई बार तो वहीं रात्रि विश्राम भी करने लगे। दोनों साथ में बाहर घूमने भी जाने लगे। इसके बाद पुरुष अधिकारी की पत्नी को पति के प्रेम-प्रसंग के संबंध में जानकारी लगी तो दंपति में झगड़ा होने लगा। झगड़ा इतना बढ़ गया कि आए दिन के विवाद से अधिकारी की दोनों बेटियां परेशान हो गईं। बेटियों ने कुटुंब न्यायालय में काउंसलिंग के लिए आवेदन लगा दिया। जब दंपति की काउंसलिंग शुरू हुई तो दोनों के विचार और शर्तें इतनी अलग-अलग थीं कि दोनों एक-दूसरे की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे।

पत्नी के साथ रहने से किया इंकार, तब तलाक पर बनी बात : कई दौर की काउंसलिंग के बाद जब मामला नहीं सुलझा तो फिर एक मौका दोनों को दिया गया। इसके बाद पुरुष अधिकारी ने कहा कि मैं अपनी पत्नी के साथ रहना ही नहीं चाहता। इसके बाद पत्नी ने अपनी और दोनों बेटियों के भविष्य व परवरिश के लिए राशि का खर्च उठाने का मामला लगाया। इसके बाद दोनों के बीच डेढ़ करोड़ में समझौता हो गया। इस समझौते को पुरुष अधिकारी की प्रेमिका ने कोर्ट के बाहर कराया और कोर्ट से इसे स्वीकारोक्ति दिलाई। प्रेमिका ने ही अधिकारी की पत्नी को डेढ़ करोड़ की राशि से ही एक डुप्लेक्स खरीदकर दिया और बाकी बची राशि 27 लाख नकद दे दी। इसके बाद दोनों पक्षों में आपसी सहमति से तलाक हो गया।

पांच वर्ष तक नोकझोंक काउंसलिंग के बाद हुआ तलाक : काउंसलिंग के दौरान पति ने स्वीकार किया कि वह अपनी सहकर्मी अधिकारी के साथ रहना चाहता है। वह बेटियों को प्यार करता है, लेकिन वह पत्नी के साथ नहीं रह सकता। पति-पत्नी के बीच नोकझोंक और काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया करीब पांच वर्ष तक चली। बच्चों के भविष्य को देखते हुए दंपति ने आपसी समझौते से तलाक लिया। कुटुंब न्यायालय में दोनों के विवाह विच्छेद की रजिस्टर्ड प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।