नेपाल टू झारखंड…‘पशुपतिनाथ–बैद्यनाथधाम हाई-स्पीड कॉरिडोर’ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का होगा निर्माण

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पटना : बिहार के पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि नेपाल के पशुपतिनाथ से बिहार होते हुए झारखंड के बैद्यनाथधाम तक ‘पशुपतिनाथ–बैद्यनाथधाम हाई-स्पीड कॉरिडोर’ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। मंत्री ने पथ निर्माण विभाग के बजट पर सरकार का पक्ष रखते हुए सदन को बताया कि लगभग 250 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे काठमांडू से भीमनगर और बीरपुर होते हुए बिहार के सुपौल जिला में भारतीय सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जिलों से गुजरते हुए झारखंड के देवघर जिले स्थित बैद्यनाथधाम तक पहुंचेगा।

मंत्री का बयान : जायसवाल ने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर को झारखंड के बैद्यनाथ धाम से सीधे जोड़ना है, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण से बिहार और झारखंड के कई जिलों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी तथा क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी। मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे को रक्सौल–हल्दिया और दरभंगा–अमस एक्सप्रेस-वे जैसे अन्य प्रमुख मार्गों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वी भारत में सड़क संपर्क का एक सशक्त नेटवर्क विकसित होगा।

बनेगा एक्सप्रेस-वे : उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत–नेपाल सीमा सड़क परियोजना के तहत बिहार में कुल 554.08 किलोमीटर लंबाई में सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह परियोजना सीमावर्ती सात जिलों-पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से होकर गुजरती है। यह मार्ग पश्चिमी चंपारण के मदनपुर से शुरू होकर किशनगंज जिले के गलगलिया में समाप्त होगा। मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा के लिहाज से भी राज्य को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।