नई दिल्ली/इस्लामाबाद : भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया है। इस बजट में रक्षा क्षेत्र पर काफी जोर दिया गया है। इस पर पाकिस्तान के एक्सपर्ट का खासतौर से ध्यान गया है। पाकिस्तानी टिप्पणीकार कमर चीमा का कहना है कि भारत ने इस साल के बजट में रक्षा पर जिस तरह जोर दिया है, वह आम बात नहीं है। यह भारत की सैन्य क्षेत्र में तेजी से मजबूत होने की कोशिश है। पाकिस्तान के लिए खासतौर से यह परेशानी का सबब हो सकता है।
कमर चीमा ने रविवार को अपने एक वीडियो में कहा, ‘इस दफा रक्षा बजट 15 फीसदी तक बढ़ाया है। भारत ने नेशनल सिक्योरिटी और सेना पर ज्यादा खर्च करने की बात कही है। साथ ही इंडिया ने रूस से Su-57 लड़ाकू विमान लेने का फैसला किया है। ऐसा होता है तो फिर यकीनन पाकिस्तान की मुश्किल भी बढ़ सकती है।’
भारत खरीदेगा जेट और एयर डिफेंस : चीमा ने आगे कहा, ‘भारत ने बड़ी रकम डिफेंस के लिए रखी है तो साफ है कि वहSu-57 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान खरीदेंगे। रूस से S-400 एयर डिफेंस की ज्यादा खरीद हो सकती है। रक्षा सौदों में रूस ही भारत का सबसे भरोसेमंद दोस्त रह सकता है। डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बावजूद हथियारों के लिए भारत का रूस पर ही भरोसा कायम रहेगा।’
कमर चीमा ने कहा कि भारत ने फ्रांस, रूस से लेकर ऑस्ट्रेलिया और दूसरे देशों से हथियार खरीद पर ध्यान बढ़ा रखा है। डिफेंस बजट भी दिखाता है कि भारत सरकार रक्षा के मुद्दे पर ज्यादा संजीदा हो गई है। वहीं पाकिस्तान को लगता है कि मौका पड़ने पर चीन उसके काम आ जाएगा। पाकिस्तान की चीन से एक अलग तरह की सहजता है।
पाकिस्तान से लड़ाई के बाद बढ़ा बजट : कमर चीमा का कहना है कि बीते साल भारत की पाकिस्तान से हुई लड़ाई भी बजट बढ़ाने की वजह है। इस लड़ाई ने भारत को दिखाया है कि उसके सामने सिर्फ पाकिस्तान नहीं है बल्कि उससे बड़ी ताकत चीन भी है। हालांकि चीन से भारत की लड़ाई संभव नहीं दिखती है। भारत की बढ़ी ताकत पाकिस्तान के लिए ही मुश्किल पैदा करती है।
कमर चीमा ने भारत की ओर से ईरान के चाबहार पोर्ट के लिए कोई बजट में कोई आवंटन ना करने, बांग्लादेश की फंडिंग रोकने और अफगानिस्तान को ज्यादा अहमियत देने पर भी बात की है। चीमा ने कहा है कि ये हालिया समय में उसके पड़ोस में बदलते रिश्ते को दिखाता है। वह क्षेत्र में नए-नए दोस्त बनाने की ओर देख रहा है।
