कारोबार

शेयर बाजार : सेंसेक्स 360 अंक नीचे, निफ्टी 21400 से नीचे पहुंचा

मुंबई : घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार एक्शन दिखा। मंथली एक्सपायरी के दिन प्रमुख इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। गुरुवार के कारेाबारी सेशन के बाद सेंसेक्स 359.64 अंक यानी 0.50% गिरकर 70,700.67 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 101.36 अंक या 0.47% फिसलकर 21,352.60 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली आईटी सेक्टर के शेयरों में दिखी। एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के शेयरों ने भी बाजार पर दबाव बनाया।

निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर : निफ्टी बैंक (0.48%) और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.53%) भी कमजोर होकर लाल निशान पर बंद हुए। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी के शेयर हरे निशान पर बंद हुए।

टेक महिंद्रा के शेयर छह प्रतिशत तक टूटे : सेंसेक्स में शामिल टेक महिंद्रा का दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 60 प्रतिशत घटकर 510.4 करोड़ रुपये रहने के बाद कंपनी के शेयर छह प्रतिशत से अधिक गिर गए। इसके अलावा भारती एयरटेल, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एशियन पेंट्स, विप्रो, एचडीएफसी बैंक, नेस्ले, टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और मारुति के शेयरों में भी गिरावट रही। एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी लाभ में रहे।

एशियाई बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए, यूरोपीय बाजारों में बिकवाली : एशियाई बाजारों में सियोल, तोक्यो, शंघाई और हांगकांग सकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोपीय बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। बुधवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले नोट पर बंद हुए। शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार (24 जनवरी 20222) को 6,934.93 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.02 प्रतिशत बढ़कर 80.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स बुधवार को 689.76 अंक यानी 0.98 प्रतिशत उछलकर 71,060.31 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 215.15 अंक या 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 21,453.95 अंक पर बंद हुआ।

बाजार की गिरावट पर क्या बोले जानकार : जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स वैश्विक बाजार से मिले नकारात्मक संकेतों के बाद लाल निशान पर बंद हुए। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सकारात्मक तेजी के कारण ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हुई है। अमेरिकी बेंचमार्क बॉन्ड में बढ़ोतरी से विदेशी संस्थागत निवेशक यानी एफआईआई बिकवाली के मोड में आ गए हैं। व्यापक बाजार उच्च मूल्यांकन, कमजोर तिमाही नतीजे, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव से जुड़ी चिंताओं के कारण अपनी बढ़त बनाए रखने में असमर्थ है। एफएंडओ एक्सपायरी के कारण भी बाजार पर दबाव बढ़ा।

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