बिहार : लॉ एंड आर्डर पर नकेल कसने की तैयारी, तीनों सेंट्रल जेलों में तड़के ताबड़तोड़ छापेमारी

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पटना : बिहार में मुजफ्फरपुर के अमर शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में गुरुवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने औचक छापेमारी की। डीएम सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में हुई इस कार्रवाई ने जेल परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मचा दिया। करीब डेढ़ घंटे चली इस तलाशी में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं की गई। निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी कोटा किरण कुमार, एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार, कई थानाध्यक्ष और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे।

पूरे जेल परिसर के सभी वार्डों की सघन जांच की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए और गृहरक्षकों की प्रतिनियुक्ति के लिए जिला समादेष्टा से विमर्श कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी ने कारा भवन निर्माण कार्यों की सूची प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर जल्द मरम्मत और निर्माण कराने का निर्देश दिया। साथ ही मुलाकात व्यवस्था को और मजबूत करने तथा सभी बंदियों का अपराधिक इतिहास तैयार करने का आदेश दिया। निरीक्षण के बाद डीएम सुब्रत सेन ने जेल प्रशासन की साफ-सफाई, रख-रखाव और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर संतोष जताया तथा महिला बंदियों के लिए अतिरिक्त व्यवसायिक प्रशिक्षण शुरू करने का निर्देश दिया।

मुंगेर मंडल कारा में अहले सुबह DM–SP की छापेमारी : मुंगेर में शनिवार तड़के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पिनिकर और एसपी सैयद इमरान मसूद ने मंडल कारा में औचक रेड की। अचानक हुई इस छापेमारी से जेल प्रशासन में हलचल मच गई। अधिकारियों ने जेल परिसर के सभी वार्डों और कैदियों से जुड़े अभिलेखों, सुरक्षा व्यवस्था तथा दैनिक गतिविधियों की गहन जांच की। टीम ने बैरकों की तलाशी लेकर प्रतिबंधित वस्तुओं की खोज की, लेकिन कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। निरीक्षण के बाद डीएम–एसपी ने सुरक्षा को और मजबूत करने तथा अनुशासन कायम रखने के निर्देश दिए।

पूर्णिया केंद्रीय कारा में दो घंटे तक सघन तलाशी : पूर्णिया में शनिवार सुबह एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में केंद्रीय कारा में बड़ी कार्रवाई की गई। अचानक हुए इस ऑपरेशन से जेल परिसर में हड़कंप मच गया। करीब दो घंटे तक एक-एक बैरक और वार्ड की तलाशी ली गई। छापेमारी दल में सदर एसडीएम पार्थ गुप्ता, एसडीपीओ ज्योति शंकर सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

एसडीएम पार्थ गुप्ता ने बताया कि किसी भी कैदी या वार्ड से मोबाइल, तंबाकू या कोई अन्य प्रतिबंधित वस्तु नहीं मिली। महिला और पुरुष कैदियों से बातचीत में भी किसी ने जेल व्यवस्था को लेकर शिकायत नहीं की। हालांकि उन्होंने साफ-सफाई में सुधार की जरूरत बताई और कैदियों को उपलब्ध सुविधाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बेहतर बताया। वर्तमान में यहां 1900 कैदी बंद हैं। एसडीपीओ ज्योति शंकर ने पुष्टि की कि यह रूटीन छापेमारी थी। उन्होंने जानकारी दी कि जेल में बंद कुख्यात अपराधी फूंकेश सिंह और पूर्व विधायक बीमा भारती के पति अवधेश मंडल पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।