WhatsApp पर लगा नया ताला! SIM निकालते ही चैट–कॉल सब बंद

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नई दिल्ली : अगर आप भी WhatsApp, Telegram और Snapchat जैसे मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए खास है. मैसेजिंग ऐप्स को लेकर भारत सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. सरकार अब मैसेजिंग ऐप्स पर भी टेलीकॉम जैसी सख्ती लागू करने की तैयारी कर ली है. इसका सीधा असर WhatsApp, Telegram, Signal जैसे प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले यूजर्स पर पड़ सकता है.

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग यानी DoT ने एक जरूरी निर्देश जारी किया है. DoT ने इन सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे अब यूजर्स को अपने डिवाइस में एक्टिव सिम कार्ड के बिना अपनी सेवाओं का इस्तेमाल करने से रोकें. 
सरकार के नए नियमों के तहत मैसेजिंग ऐप्स अब केवल उसी डिवाइस पर चल पाएंगे जिसमें एक्टिव SIM कार्ड मौजूद होगा. यानी बिना एक्टिव सिम के चैट करना, कॉल करना या वेब वर्जन इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा. 

सरकार का दावा है कि यह कदम साइबर फ्रॉड रोकने और यूजर्स की पहचान ट्रेस करने की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगा. यह आदेश भारत के नए दूरसंचार साइबर सुरक्षा संशोधन नियम, 2025 का हिस्सा है. पहली बार ऐप-आधारित संचार सेवाओं को टेलीकॉम-स्टाइल नियमों के तहत लाया गया है.

भारत सरकार के नए नियम के तहत इन ऐप्स को 90 दिनों के अन्दर यह तय करना होगा कि यूजर के सिम कार्ड लगातार उनकी सर्विस से जुड़े रहें. ऐप को इस्तेमाल करने के लिए सिम कार्ड का लगातार आपके डिवाइस में एक्टिव रहना जरूरी होगा.

वहीं जो लोग WhatsApp  या Telegram Web जैसे ब्राउजर से अकाउंट लॉगिन करते हैं उन्हें भी अब बड़ी परेशानी हो सकती है. DoT ने निर्देश दिया है कि प्लेटफॉर्म्स को हर 6 घंटे में यूजर्स को लॉग आउट करना होगा और फिर से लॉगिन करने के लिए QR कोड के जरिए री-ऑथेंटिकेशन की जरूरत होगी.

DoT के मुताबिक इस कदम का मकसद संचार ऐप्स द्वारा यूजर्स को वेरीफाई करने के तरीके में मौजूद एक बड़ी समस्या को दूर करना है. अभी तक  ज्यादातर ऐप्स यूजर के मोबाइल नंबर को सिर्फ एक बार ऐप इंस्टॉल करते समय वेरीफाई करते हैं. इसके बाद अगर सिम कार्ड हटा दिया जाए या डिएक्टिवेट कर दिया जाए तब भी ऐप काम करता रहता है.