श्रीलंका : भारतीय वायु सेना का ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ जारी, चक्रवात ‘दित्वा’ ने मचाई भारी तबाही

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नई दिल्ली : श्रीलंका में चक्रवात दित्वा से आई विनाशकारी बाढ़, भूस्खलन ने तबाही मचा दी है. इससे अब तक करीब 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई, वहीं कोई लोग लापता हो गए. बाढ़ में डूबे श्रीलंका के लिए भारत ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया है. भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवान, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के साथ मिलकर, युद्ध स्तर पर लोगों को बचाने के लिए श्रीलंकाई अधिकारियों की सहायता कर रहे हैं.

भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने प्रतिबंधित क्षेत्र से फंसे हुअ यात्रियों को निकालने के लिए हाइब्रिड बचाव अभियान चलाया है. एक गरुड़ कमांडो समूह को देश के कोटमाले में पूर्व-निर्धारित हेलीपैड तक ले जाने के लिए नीचे उतारा गया, जहां से 24 यात्रियों को कोलंबो पहुंचाया गया है. इन यात्रियों में भारतीय, विदेशी नागरिक और श्रीलंकाई शामिल थे.इसके साथ ही तीन गंभीर रूप से घायलों को तत्काल चिकित्सा के लिए कोलंबो ले जाया गया.

भारत ने भेजी राहत सामग्री : इससे पहले, राहत कार्यों में सहायता के लिए श्रीलंकाई सेना के जवानों की पांच टीमों (40 सैनिकों) को दियाथलावा आर्मी कैंप से भूस्खलन प्रभावित कोटमाले क्षेत्र में पहुंचाया गया था. श्रीलंका के कोलंबो एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक फंसे हैं, मदद से के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है. इसके साथ ही भारत की तरफ से श्रीलंका के लिए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत 21 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी गई है.

कोलंबो में एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर तैनात : भारतीय वायुसेना ने त्वरित मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) कार्यों के लिए कोलंबो में एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर भी तैनात किए हैं. भारतीय वायुसेना ने कहा ‘भारतीय नागरिकों को बड़े पैमाने पर निकालने के लिए भारतीय वायुसेना के परिवहन विमानों को नियुक्त किया गया है, और त्रिवेंद्रम और हिंडन से कई मिशनों की योजना बनाई गई है’ वायुसेना ने कहा है कि प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए निकासी के साथ-साथ चिकित्सा आपूर्ति सहित आवश्यक राहत सामग्री भी हवाई मार्ग से पहुंचाई जा रही है. भारतीय वायुसेना के दो परिवहन विमानों, सी-130जे और आईएल-76 ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को दी गई भारत की मानवीय सहायता के तहत शनिवार को कोलंबो में लगभग 21 टन राहत सामग्री पहुंचाई.

देश में इमरजेंसी की घोषणा : इधर श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) द्वारा रविवार शाम 4 बजे जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार से अब तक 212 लोग मारे गए हैं और 218 लापता हैं. डीएमसी ने बताया कि 2,73,606 परिवारों के 9,98,918 लोग इस तबाही से प्रभावित हुए हैं. श्रीलंका के प्रेसिडेंट अनुरा कुमारा दिसानायके ने पूरे देश में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है.