सातवें दिन भी इंडिगो की 562 उड़ानें निरस्त, यात्रियों का फूट रहा गुस्सा

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नई दिल्ली : इंडिगो एयरलाइन के संकट के कारण यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। उड़ानों के रद्द और देरी से चलने का सिलसिला सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। पायलट और चालक दल के सदस्यों की कमी के कारण इंडिगो ने 562 उड़ानें रद्द कीं। देशभर के हवाई अड्डों पर फंसे हताश-परेशान यात्रियों का गुस्सा एयरलाइन के कर्मचारियों पर फूट रहा है।

उड़ानें रद्द होने के बाद उनके सूटकेस और सामान भी नहीं मिल रहे। दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू समेत कई हवाई अड्डों पर यात्रियों के बैग और सामान के ढेर लग गए हैं। घरेलू बाजार में 65 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो पर आए संकट ने हजारों लोगों को संकट में डाल दिया है।

उड़ानों के रद्द होने और उनके मार्ग बदलने के कारण हजारों सूटकेस और बैग भी इधर-उधर हो गए हैं। इनमें बहुत से यात्रियों के पासपोर्ट, घर की चाबियां और दवाइयां जैसी महत्वपूर्ण वस्तुएं थीं।

सरकार की तरफ से इंडिगो को यात्रियों के बैग जल्द लौटाने के निर्देश के बावजूद लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा रहा है। विकास बाजपेयी ने बताया कि वह चार दिन से सामान का इंतजार कर रहे हैं। वह मां के साथ कानपुर से पुणे शादी में शामिल होने गए थे। चेक-इन के समय उन्होंने सामान दिया था। अब कोई बताने वाला नहीं है कि सामान कब मिलेगा। यह अकेले विकास बाजपेयी की कहानी नहीं है, ऐसे हजारों यात्री हैं जिनका सामान भी फंस गया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि रद्द उड़ानों में दिल्ली में 134 थीं। एयरलाइन ने 9,000 में से 4,500 बैग यात्रियों को सौंप दिए हैं।  21 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच 9,55,591 टिकट रद्द हुए। यात्रियों को 827 करोड़ रुपये रिफंड किए।

राज्यसभा में कहा- सुरक्षा से कोई समझौता नहीं एयरलाइंस को नियमों का पालन करना ही होगा। सरकार ने कहा कि इंडिगो की उड़ानें रद्द होने की जांच चल रही है। इस मामले में ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो दूसरे ऑपरेटरों के लिए नजीर बने। 

नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने राज्यसभा में कहा कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी एयरलाइंस को मानकों का पालन करना होगा। नायडू ने संकट के लिए पूरी तरह से इंडिगो को जिम्मेदार ठहराया। नायडू ने कहा कि इंडिगो चालक दल और ड्यूटी रोस्टर का प्रबंधन करने में विफल रही।

नायडू ने उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) दिशा-निर्देशों को लेकर बताया कि 22 दिशा-निर्देश थे, जिनमें से 15 को इस साल एक जुलाई और शेष सात को एक नवंबर से लागू किया गया। उन्होंने कहा कि एक दिसंबर को जब एफडीटीएल पर इंडिगो के साथ बैठक की थी तो कंपनी ने इस मुद्दे को नहीं उठाया था।

इंडिगो मामले की जांच कर रही समिति एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स व सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरस को तलब कर सकती है। वहीं, इंडिगो ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को बताया, उड़ानों में देरी का सटीक कारण बताना संभव नहीं है।

केंद्र सरकार ने कहा कि यात्रियों की संख्या देखते हुए 5 बड़ी विमानन कंपनियों की जरूरत है। सोमवार को राज्यसभा में उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत आज जो क्षमता और मांग पैदा कर रहा है, उसे देखते हुए हमें पांच बड़ी एयरलाइनों की आवश्यकता है। मंत्रालय का प्रयास है कि अधिक एयरलाइनों को इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। 

विमानन क्षेत्र में इंडिगो के प्रभुत्व संबंधी सवाल पर नायडू ने कहा कि सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करेगी और प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए पहले से ही लगातार काम कर रही है। भारत में एयरलाइन शुरू करने का यही सही समय है। 

महाराष्ट्र से सांसद मिलिंद मुरली देवड़ा ने सुझाव दिया था कि मंत्रालय को अन्य हितधारकों के साथ मिलकर गहन समीक्षा करनी चाहिए ताकि अधिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जा सके तथा प्रवेश स्तर पर बाधाओं का पता लगाया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 6 नवंबर को आईजीआई हवाई अड्डे, नई दिल्ली पर एएमएसएस (स्वचालित संदेश स्विचिंग सिस्टम) में तकनीकी खराबी का पता चलते ही ठीक करने के लिए कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि जीपीएस स्फूफिंग से इस मामले की जांच चल रही है।