रांची : झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी के बीच उम्मीदवारों के नाम को अंतिम रूप देने के लिए दोनों गठबंधन में विचार-विमर्श का सिलसिला जारी है। इस बीच झारखंड भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से तीन संभावित नामों की लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी गई है। जबकि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन में भी अभी तक सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं हो पाया है।
झारखंड बीजेपी के 4 बड़े नेता दिल्ली पहुंचे : नई दिल्ली में रविवार को भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस हाई प्रोफाइल बैठक के पहले झारखंड बीजेपी की ओर से तीन संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी गई। वहीं पार्टी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र त्रिपाठी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह भी दिल्ली पहुंच चुके हैं।
बीजेपी उम्मीदवार को 4 वोट का करना होगा जुगाड़ : राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगले एक-दो दिनों में बीजेपी की ओर से झारखंड में एक सीट के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। हालांकि आंकड़ों की बाजीगरी पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। राज्यसभा सीट पर जीत दर्ज करने के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोटों की आवश्यकता है, फिलहाल एनडीए के पास कुल 24 मत ही मौजूद हैं, जो जीत के जादुई आंकड़े (28) से चार कम हैं। ऐसे में बहुमत का पर्याप्त आंकड़ा न होने के बावजूद भाजपा की ओर से उम्मीदवार उतारने के फैसले से झारखंड की राज्यसभा चुनाव की जंग बेहद दिलचस्प हो गयी है।
जेएमएम-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं : एक ओर झारखंड भाजपा की ओर से तीन संभावित उम्मीदवारों की सूची पार्टी हाईकमान को सौंप दी गई है, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी और माले गठबंधन के पास 56 विधायक रहने के बावजूद अब तक सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं हो पाया है। जेएमएम गठबंधन से सभी 56 विधायक पूरी तरह से एकजुट रहते हैं, तो दोनों सीटों पर जीत तय हो सकती है।
जेएमएम में अंजनी सोरेन के नाम की चर्चा : जेएमएम में पार्टी के संस्थापक शिबू सोरेन की बेटी और हेमंत सोरेन की बड़ी बहन अंजनी सोरेन के नाम की चर्चा है। हालांकि पार्टी के अंदर शिबू सोरेन परिवार के कई सदस्यों के नाम भी चर्चा जोरों पर है। पूर्व विधायक दुर्गा सोरेन और सीता सोरेन की बेटी जयश्री सोरेन की ओर से भी अपनी दावेदारी पेश की गई है। जबकि बसंत सोरेन की पत्नी लता सोरेन समेत कई नामों की चर्चा है।
कांग्रेस की ओर से गैर आदिवासी को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा : दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से एक सीट पर दावेदारी की जा रही है। पार्टी की ओर से किसी गैर आदिवासी चेहरे को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। कांग्रेस की ओर से पूर्व सांसद धीरज साहू, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नाम की चर्चा है। कांग्रेस के 16 विधायक है। वहीं जेएमएम के 34 विधायक यदि प्रथम वरीयता के 28 वोट अपने उम्मीदवार को करते हैं, तो 6 वोट बचेंगे। इसके अलावा आरजेडी के 4 और भाकपा-माले के 2 विधायकों की मदद से कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिल सकती है।
आरजेडी और माले विधायक निर्णायक साबित होंगे : आरजेडी और भाकपा-माले की ओर से राज्यसभा चुनाव को लेकर अभी अपनी स्थिति साफ नहीं की गई है। लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन में आरजेडी के 4 और माले के दो विधायकों का समर्थन ही निर्णायक साबित होगा।
