बिहार : कांग्रेस के दही चूड़ा भोज में शामिल नहीं हुए पार्टी के 6 विधायक

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पटना : मकर संक्रांति से पहले पटना में कांग्रेस पार्टी के दफ्तर ‘सदाकत आश्रम’ में ‘दही-चूड़ा’ भोज का आयोजन किया गया। कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष संजय यादव की ओर से ये आयोजित किया गया था। हालांकि इस भोज में राजद (RJD) समेत महागठबंधन के किसी भी बड़े घटक दल के नेता शामिल नहीं हुए।

यहां तक कि पार्टी के मौजूदा 6 विधायक भी इसमें शामिल नहीं हुए। हालांकि, आयोजकों की ओर से कहा गया कि यह मूल रूप से पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए था। वहीं, सियासी गलियारों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। जेडीयू ने इस पर तंज करते हुए का कि कांग्रेस पार्टी में खरमास के बाद टूट तय है।

जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के अपने ही 6 विधायक इस आयोजन से गायब रहे। उन्होंने दावा किया कि वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की अनुपस्थिति कांग्रेस के भीतर गहरी कलह का संकेत है। नीरज कुमार ने कहा, ‘इनके भोज में दही फट गया और चूड़ा बासी हो गया है। कोई विधायक नहीं पहुंचा, जो बताता है कि खरमास के बाद कांग्रेस में बड़ी टूट तय है। कांग्रेस और राजद के विधायक बस समय का इंतजार कर रहे हैं।’

हालांकि इस तरह की अटकलों को बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति सद्भाव और नई ऊर्जा का त्योहार है, इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जदयू पर पलटवार करते हुए कहा, ‘कहने को तो हम भी कह सकते हैं कि भाजपा और जदयू के विधायक हमारे संपर्क में हैं। राजनीति में इस तरह की बातें चलती रहती हैं।’

जब उनसे विधायकों के पाला बदलने की संभावना पर पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके सभी छह विधायक एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में जो कहा जाता है वह होता नहीं, और जो किया जाता है वह किसी को बताया नहीं जाता।

बता दें, सिर्फ जदयू के नीरज कुमार ही नहीं, बल्कि एनडीए के अन्य घटक दलों ने भी कांग्रेस में सेंधमारी के दावे किए हैं। एलजेपी (रामविलास) नेता और प्रदेश मंत्री संजय सिंह ने हाल ही में दावा किया था कि खरमास खत्म होते ही कांग्रेस के सभी छह विधायक पाला बदलकर एनडीए में शामिल हो जाएंगे। वहीं, भाजपा नेता और कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने भी सुर मिलाते हुए कहा कि राजद के कई विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। बता दें कि पिछले चुनाव में राजद ने 143 सीटों पर लड़कर 25 और कांग्रेस ने 61 सीटों पर लड़कर मात्र 6 सीटें जीती थीं।