माघ मेला@2026 : आज मौनी अमावस्या पर संगम में श्रद्धालु लगा रहे हैं आस्था की डुबकी, उमड़ा जन सैलाब

Pryagraj-Mauni-Snan-Sangam

प्रयागराज : माघ महीने में संगम तट पर कल्पवास नहीं कर पाने वाले यदि मौनी अमावस्या के दिन स्नान कर लें तो एक महीने के कल्पवास का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। इस बार मौनी पर बुधादित्य, महालक्ष्मी, भौमादित्य और नारायण योगों में डुबकी लग रही है। रविवार को पूरे दिन मंगल, बुध,शुक्र तथा चंद्रमा का भी योग शुभ फलदायी होगा। ऐसी भी मान्यता है मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत धारण करते हुए त्रिवेणी में पश्चिम वाहिनी गंगा में स्नान करने से तथा दान करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य दिवाकर त्रिपाठी के मुताबिक स्नान पर्वों पर सबसे अधिक पुण्य प्रदान करने वाले मौनी अमावस्या को ही माना जाता है। इस दिन पितरों के निमित्त दान करने का भी विधान है। प्रशासन ने महास्नान के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।

आज मौनी अमावस्या स्नान पर जल, थल और नभ से रहेगी पुलिस की निगरानी : मौनी अमावस्या पर आज साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का अनुमान है। इसे देखते हुए मेला पुलिस सक्रिय हो गई है। सुरक्षा के मद्देनजर मेला पुलिस क्षेत्र में जल, थल और नभ से निगरानी कर रही है। इस संबंध में पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। संवेदनशील पॉइंट्स पर नजर रखे जाने के साथ ड्रोन और जल पुलिस को सक्रिय किया गया है।

यूपी एटीएस की मोबाइल गश्ती टीमें सक्रिय : माघ मेले के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा उच्च सुरक्षा व्यवस्था की गई है और यूपी एटीएस की मोबाइल गश्ती टीमें मेला क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं। मौनी अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम घाट पर पवित्र स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं।

श्रद्धालु कर रहे हैं सरयू नदी में पवित्र स्नान : मौनी अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी में पवित्र स्नान करते हैं।

आठ व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज : मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य के संबंध में AIनिर्मित तस्वीरें और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में चौक पुलिस स्टेशन में आठ व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

देर रात तक चलेगा स्नान का सिलसिला : ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक मौनी अमावस्या 17 जनवरी रात में 11:53 बजे से आरंभ होकर 18 जनवरी रात 1:08 बजे तक रहेगी। इसलिए संगम स्नान का सिलसिला आज देर रात तक चलने की संभावना है।

मेला अधिकारी ने बताया क्या हैं व्यवस्थाएं : माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि मौनी अमावस्या स्नान के लिए हमने साढ़े तीन किलोमीटर तक फैले घाटों का निर्माण किया है। हम सभी सात सेक्टरों के श्रद्धालुओं से अपील करते हैं कि वे निकटतम घाट पर पहुंचें और पवित्र स्नान करें… हमारे पास पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम, एक पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था है और हमारी यातायात प्रबंधन योजना प्रभावी है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए हमारी जल पुलिस, पुलिसकर्मी और आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) सभी मौके पर तैनात हैं, और भीड़ बढ़ने पर हम कार्रवाई करेंगे… तीन से चार करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है, और जैसे-जैसे अधिक लोग आएंगे, हम आंकड़े अपडेट करते रहेंगे।

उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब : माघ मेले के तीसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान घाटों पर लोगों के स्नान का क्रम लगातार जारी है। मौनी अमावस्या में मौन रखकर स्नान और दान का विशेष महत्व है। मौनी अमावस्या के एक दिन पहले ही डेढ़ करोड़ लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।