राजस्थान : महारानी ईडाणा माताजी ने 11 महीने बाद एक बार फिर किया “अग्नि-स्नान”, 12 फीट ऊंची उठीं लपटें

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उदयपुर : राजस्थान के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ईडाणा माता मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। इसका कारण है माता जी का अग्नि स्नान। इस अग्नि में माता की मूर्ति को छोड़कर उनका पूरा श्रृंगार और चुनरी सब कुछ स्‍वाहा हो जाता है। माना जाता है कि इसको देखने वाले हर व्यक्ति की इच्छा पूरी होती है।

उदयपुर संभाग के सलूंबर में मेवल की महारानी ईडाणा माताजी ने एक बार फिर अग्नि स्नान किया हैं। दरअसल, इस शक्तिपीठ की मान्यता है कि जब माताजी पर भार अधिक हो जाता है तो माताजी स्वयं अग्नि स्नान करती हैं। हालांकि इसका कोई तय समय नहीं होता हैं। इस बार अग्नि स्नान 11 महीने बाद गुरुवार को भक्तों ने दर्शन किए और मौके पर मौजूद कई भक्तों यह दृश्य अपने मोबाइल कैमरे में भी कैद कर लिया।

आस्था का ऐसा अलौकिक नजारा : अग्नि स्नान के दौरान मंदिर परिसर में जहां माता रानी विराजित है, वहां स्वयं अग्नि प्रज्वलित हुई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बने श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर जयकारे लगाए और माताजी की आराधना की। परंपरा के अनुसार अग्नि स्नान के समय समस्त सामग्री भस्म हो जाती है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से माताजी की प्रतिमा एवं आभूषणों को किसी प्रकार की क्षति नहीं होती है, जिसे श्रद्धालु माताजी की महिमा का प्रतीक मानते हैं।

12 फीट से ज्यादा ऊपर उठीं लपटें : गुरुवार सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर माताजी के अग्नि स्नान की शुरुआत हुई, जिसमें माता के दरबार में अग्नि स्वतः प्रज्वलित हुई। अग्नि स्नान की लपटें 12 फीट से ज्यादा ऊपर उठ रही थीं। वहां मौजूद भक्तों ने अग्नि स्नान के दर्शन कर अपने आप को भाग्यशाली माना और माता के जयकारा लगाए। इससे पहले माताजी ने 18 मार्च 2025 को अग्नि स्नान किया था।

माता की इच्छा से होने वाला चमत्कार है अग्नि स्नान : माता रानी के अग्नि स्नान का कोई दिन और समय तय नहीं होता है। यह माता की इच्छा से होने वाला चमत्कार है। मंदिर में अग्नि अपने आप ही जलती है और शांत भी अपने आप ही होती है। इस दौरान मंदिर में रखी माता की चुनरी, नारियल जल जाता है। माता रानी का यह अग्नि स्नान काफी बड़ा होता है, जिसके चलते कई बार नजदीक के पेड़ को भी नुकसान पहुंचता है। आज तक माता की मूर्ति पर इसका कोई असर नहीं हुआ।

अग्नि स्नान के दर्शन करने से इच्छाएं होती है पूर्ण : बरगद के पेड़ के नीचे माता विराजमान हैं। मान्यता है कि माता खुद अग्नि स्नान करती हैं। इस दृश्य को देखने वाले हर व्यक्ति की इच्छा पूरी होती है। मेवल क्षेत्र में ईडाणा गांव सहित करीब 52 गांव आते हैं।