रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार को हजारीबाग जिले के महुदी में रामनवमी शोभायात्रा रोके जाने, डीजे पर प्रतिबंध और पुलिस बैरिकेडिंग के मुद्दे पर सियासी माहौल गरमा गया। सदन के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आजसू के विधायकों ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
भाजपा और आजसू नेताओं का है कहना? : प्रदर्शन के दौरान विधायक हाथों में तख्तियां और पोस्टर लिए नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हिंदू पर्व-त्योहारों पर ही बार-बार प्रतिबंध लगाती है। भाजपा और आजसू नेताओं का कहना था कि रामनवमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में डीजे पर रोक और शोभायात्रा को रोकना लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने इसे सरकार की “तुष्टिकरण नीति” करार देते हुए कहा कि एक वर्ग को खुश करने के लिए ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं।
आंदोलन को और तेज करने की बात : प्रदर्शन में हजारीबाग से रोशनलाल चौधरी, बड़कागांव से निर्मल महतो, गोमिया से आजसू विधायक लंबोदर महतो और कोडरमा से नीरा यादव समेत कई विधायक शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के फैसलों के खिलाफ वे चुप नहीं बैठेंगे और सड़क से लेकर सदन तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपने फैसले वापस नहीं लिए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों में डीजे पर प्रतिबंध का आदेश राज्य सरकार का नहीं, बल्कि अदालत का है। सरकार केवल न्यायालय के निर्देशों का पालन कर रही है। ऐसे में सरकार पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। इस मुद्दे को लेकर झारखंड की राजनीति में घमासान तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।
