यूक्रेन : नागरिकों की गिरफ्तारी पर बोला-भारत में आतंकी गतिविधियों में भूमिका नहीं, पारदर्शी जांच की मांग

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नई दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हाल ही में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को मिजोरम में बिना जरूरी अनुमति के प्रवेश करने और भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये सभी वैध वीजा के साथ भारत आए थे। लेकिन मिजोरम में प्रवेश के लिए जरूरी प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट के बिना जाने की कोशिश कर रहे थे।

यूक्रेन के तीन नागरिकों को लखनऊ और तीन को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया। जबकि एक अमेरिकी नागरिक को आव्रजन विभाग ने कोलकाता हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया। इसके बाद सभी दिल्ली लाकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां उन्हें पहले तीन दिन की हिरासत में भेज दिया गया। बाद में 16 मार्च को उनकी हिरासत 27 मार्च तक बढ़ा दी गई।

इन सभी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया है। यूक्रेन ने गुरुवार को इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग की और जांच में सहयोग करने की इच्छा भी जताई। यूक्रेन ने यह भी कहा कि वह भारत में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों में अपनी सरकार की भूमिका से जुड़े किसी भी आरोप को पूरी तरह खारिज करता है।

रूस की भूमिका के दावों पर क्या कहा? : यूक्रेन के दूतावास ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर भी आपत्ति जताई, जिनमें कहा गया था कि इस मामले में रूस से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई शुरू हुई। भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने इस हफ्ते विदेश मंत्रालय के अधिकारी सिबी जॉर्ज से मुलाकात की और यूक्रेनी नागरिकों से मिलने की अनुमति मांगी।

‘राजनीति से प्रेरित मामले के संकेत’ : दूतावास ने एक बयान में कहा कि इस मामले में कुछ ऐसे संकेत हैं, जो इसे योजनाबद्ध और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला बताते हैं, जिस पर उसे गंभीर चिंता है। यूक्रेन ने दोहराया कि वह  किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन नहीं करता और ऐसे आरोपों को सख्ती के साथ खारिज करता है।

भारत और यूक्रेन के संयुक्त बयान का दिया हवाला : दूतावास ने अगस्त 2024 में जारी भारत-यूक्रेन के संयुक्त बयान का भी हवाला दिया। इस बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद की सख्त निंदा की थी और कहा था कि इसके लिए कोई भी बहाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। यूक्रेन ने कहा कि आतंकवाद से जुड़े किसी भी आरोप की जांच केवल पुख्ता तथ्यों, पारदर्शी प्रक्रिया और दोनों देशों के सहयोग के आधार पर होनी चाहिए।

यूक्रेन ने यह भी कहा कि वह इस मामले में भारत के साथ सक्रिय सहयोग करने के लिए तैयार है, खासकर आपराधिक मामलों में आपसी कानूनी सहायता के समझौते के तहत। दूतावास ने कहा कि यूक्रेन का ऐसा कोई इरादा नहीं है, जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो। इसके विपरीत, यूक्रेन ने कहा कि वह भारत के साथ सुरक्षा, भरोसे और सहयोग को मजबूत करने का समर्थक है। यूक्रेन ने आरोप लगाया कि रूस एक आक्रामक देश के रूप में भारत और यूक्रेन जैसे मित्र देशों के बीच दूरी पैदा करने की कोशिश करता है।