भारत-न्यूजीलैंड का के बीच हुआ FTA, 5 में 3 ‘Eyes देशों’ से हो गई डील; अमेरिका-कनाडा से भी बातचीत जारी

FTA-Three-Eyes-Done

नई दिल्ली : भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने इस डील पर मुहर लगाई है। इससे पहले न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन इसे ‘पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता’ बता चुके हैं। लेकिन, अगर सिर्फ व्यापार समझौते से थोड़ा अलग हटकर देखें, तो भारत के लिए यह दुनिया के पांच ताकतवर देशों के गठबंधन तक सीधी पहुंच से है, जिसका वह दूर-दूर तक हिस्सा नहीं है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होना, पश्चिम एशिया संकट के बीच एक नए जियोपॉलिटिकल लामबंदी की ओर भी इशारा है। न्यूजीलैंड उस ‘फाइव आईज’ देशों का तीसरा देश है, जिसके साथ भारत की पिछले कुछ वर्षों में मुक्त व्यापार संधि पर मुहर लगी है।

‘फाइव आईज’ गठबंधन देशों के साथ डील : ‘फाइव आईज’ गठबंधन के देशों में सबसे पहले 2022 में भारत-ऑस्ट्रेलिया में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ। फिर 2025 में भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) में भी 2025 मुक्त व्यापार समझौता हो चुका है। न्यूजीलैंड ‘फाइव आईज’ गठबंधन का तीसरा देश है, जिसके साथ मुक्त व्यापार पर भारत की डील हुई है। अमेरिका के साथ भी भारत के साथ ट्रेड डील पर लगातार चर्चा हो रही है और पश्चिम एशिया में संकट शुरू होने के पहले ही वर्षों से लंबित इस समझौते ने अप्रत्याशित रफ्तार पकड़ ली है। कनाडा ‘फाइव आईज’ गठबंधन पांचवां देश है, जिसके साथ भी भारत की फ्री ट्रेड डील पाइपलाइन में है।

कनाडा के साथ बड़ा द्विपक्षीय व्यापार समझौता : मार्च माह की शुरुआत में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत आए थे। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्नी के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में दोनों देशों के बीच 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया था।

हमारा लक्ष्य 2030 तक व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाना है। आर्थिक सहयोग की पूर्ण क्षमता का उपयोग हमारी प्राथमिकता है। इसलिए हमने जल्दी ही कंप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA)को फाइल करने का निर्णय लिया है। नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

‘फाइव आईज’ गठबंधन में कौन से देश शामिल हैं :

  • अमेरिका
  • यूनाइटेड किंगडम
  • कनाडा
  • ऑस्ट्रेलिया
  • न्यूजीलैंड

‘फाइव आईज’ गठबंधन क्या है : यह दुनिया का बहुत ही सशक्त और आपस में पूरी तरह से लयबद्ध खुफिया नेटवर्क है। ये पांचों देश जुटाई गई खुफिया सूचनाओं को आपसी सहयोग के साथ विश्लेषण करते हैं, खासकर सुरक्षा से जुड़े अतिसंवेदनशील संवाद का। सूचनाओं को जुटाने में भी इनके बीच स्थापित नेटवर्क आपस में सहायता करते हैं। इसकी शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका और यूके ने खुफिया सूचनाओं के आपस में आदान-प्रदान के लिए की थी। बाद में इसमें कनाडा, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया को भी शामिल कर लिया गया।

‘फाइव आईज’ गठबंधन क्यों महत्वपूर्ण है : पांच विकसित देशों की ओर से जुटाई गई खुफिया सूचनाओं तक एक समान पहुंच, इनकी शक्ति बढ़ाता है। आपसी तालमेल की वजह से जियो पॉलिटिक्स में इस गुट का एक विशेष दबदबा बना हुआ है।