झारखंड : रांची में 13 वर्षीय बच्ची ने दिखाई बहादुरी… 45 वर्षीय व्यक्ति से शादी के दौरान भागी, बाल विवाह से बची

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रांची : झारखंड की राजधानी रांची के पिठोरिया की एक 13 वर्षीय बच्ची ने साहस दिखाते हुए खुद को बाल विवाह की कुप्रथा से बचा लिया। गरीबी के चलते परिजन उसका विवाह उत्तर प्रदेश के 45 वर्षीय व्यक्ति से कर रहे थे। शादी से पहले ही बच्ची भागकर बुंडू पहुंच गई। वहां पीएलवी की सूचना पर ‘डालसा’ (DALSA) सचिव राकेश रोशन ने त्वरित कार्रवाई की। डालसा टीम और बुंडू महिला थाना पुलिस ने मिलकर बच्ची का सफल रेस्क्यू किया।

बाल विवाह के विरुद्ध कानून : भारत में बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है।

  • लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है।
  • इसमें शामिल माता-पिता, बिचौलियों और दूल्हे को कठोर कारावास और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

एक साहसी मिसाल: इस बच्ची की बहादुरी न केवल उसके अपने जीवन को बचाने वाली है, बल्कि उन हजारों बच्चों के लिए भी एक प्रेरणा है जो आज भी समाज में व्याप्त इस कुप्रथा का शिकार हो रहे हैं।