झारखंड : चतरा में गिद्धौर पुलिस एक बार फिर विवाद के घेरे में, युवक को जबरन उठाने का गंभीर आरोप

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चतरा : झारखंड में चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिंधानी गांव में शनिवार को उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब एक नीले रंग की बलेनो कार (JH02BF3806) से पहुंचे चार लोगों ने एक युवक को जबरन उठाकर गाड़ी में बिठाने का प्रयास किया। कार सवार लोगों के द्वारा खुद को गिद्धौर थाना पुलिस बताते हुए एक युवक को जबरन उठाने की कोशिश की गई।

बताया जा रहा है कि गांव के संदीप दांगी नामक युवक को बिना किसी स्पष्ट पहचान या आधिकारिक प्रक्रिया के कार में बैठाने का प्रयास किया गया था। परिजनों ने जब इसका विरोध किया और पहचान पूछी, तो युवक पर ड्रग्स कारोबार का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर कार सवार लोगों के द्वारा मारपीट कर जख्मी भी कर दिया गया। जिसके बाद घटना के दौरान शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

ग्रामीणों के विरोध के बाद सहमे कथित पुलिस कर्मी पहले इधर उधर फोन करने लगे, फिर जब विरोध बढ़ता दिखा और ग्रामीण उनके करतूतों का वीडियो बनाने लगे तो पुलिस अधिकारी अपने प्राइवेट लोगों के साथ वहां से भाग गए। इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जहाँ गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं, वहीं पुलिस की क्षवी भी धूमिल की है !

ग्रामीणों का आरोप है कि संदीप दांगी सितंबर 2025 से कोलकाता स्थित नेशनल ट्रेनिंग स्किल इंस्टीट्यूट, हावड़ा में CITS (क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम) का कोर्स कर रहा है। वह चतरा जिले में चल रही होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए 20 मार्च को ही अपने गांव आया था।

शिवा यादव का पूर्व से है विवादों से नाता..? : ऐसा नहीं है कि गिद्धौर पुलिस पर इस तरह का संगीन व गैरकानूनी कृत कार्य करने का आरोप पहली बार लगा हो। इससे पूर्व भी पैसे लेकर थाना से अफीम तस्कर को छोड़ने ग्रामीणों द्वारा थाना को सुपुर्द किए गए चोर को छोड़ने के साथ-साथ मवेशी चोरी और तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार करने वाले पशु तस्कर को भी पैसे लेकर थाना से ही छोड़ने का आरोप लग चुका है। जिसकी शिकायत कई बार ग्रामीण स्तर से वरीय अधिकारियों को दी जा चुकी है।

एसपी ने दिये जांच के आदेश, एसडीपीओ को मिला जिम्मा : बहरहाल इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने घटना की जांच करने का आदेश सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल को दे दिया है। एसपी ने कहा कि भ्रष्टाचार और नियम विरुद्ध कार्यशैली किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। हालांकि थाना प्रभारी ने मामले में खुद को निर्दोष बताया है।