रांची : झारखंड में एक बार फिर से ट्रेजरी घोटाला चर्चा में है। बोकारो और हजारीबाग के बाद अब रांची के पशुपालन विभाग में ट्रेजरी घोटाला सामने आया है। रांची ट्रेजरी घोटाला मामले में एक आरोपी ने 43 हजार के अपने मूल वेतन को बदल कर 4.30 लाख रुपए कर दिया। वहीं सीएम हेमंत सोरेन ने ट्रेजरी घोटाले मामले में सख्त कार्रवाई की बात कही है।
दोस्त के खाते में 1.42 करोड़ रुपए ट्रांसफर : मीडिया रिपोर्टस के अनुसार रांची ट्रेजरी से पशुपालन एवं उत्पादन संस्थान (एलआरएस) के नाम पर अवैध निकासी की गई। इस मामले में लेखपाल मुनिंद्र ने अपने खाते में तय वेतन से अधिक ले लिया। इतना ही नहीं मुनिंद्र ने अपने दोस्त संजीव के खाते में 1.42 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। जांच में खुलासा हुआ कि संजीव पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सक नहीं है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि संजीव को वेतन मद में पैसा देने के लिए उसका अस्थायी जीपीएस नंबर भी बना दिया गया था।
43 हजार के मूल वेतन को 4.30 लाख में बदला : मुनिंद्र ने अपने दोस्त के खाते में ही पैसे नहीं भेजे, उसने अपने 43 हजार रुपए के मूल वेतन को बदल कर 4.30 लाख रुपए कर दिया था। इससे उसका वेतन सात लाख रुपए से अधिक हो गया था। जांच में ये बात भी सामने आई है कि मुनिंद्र अधिकारी के घर में जाकर ही बिल बुक पर साइन कराया करता था।
सीएम हेमंत सोरेन बोले-गड़बड़ी करने वाले नहीं बचेंगे : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि ट्रेजरी अनियमितता पर सरकार गंभीर है। जिन्होंने भी गलत किया है, लो बचेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जिला स्तर पर इसकी जांच कराई जा रही है। अभी कई लोग चिह्नित हो चुके है और बाकी लोग भी चिह्नित होंगे।
इससे पहले वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि ट्रेजरी घोटाले की जांच के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी।
