औरंगाबाद : बिहार के औरंगाबाद में दोस्ती, जिम्मेदारी और इंसानियत की दिल छू लेने वाली कहानी सामने आई है। जो आज के दौर में रिश्तों के बदलते मायनों के बीच इंसानियत और सच्ची दोस्ती की मिसाल पेश करती है। यहां एक युवक ने अपने दिवंगत दोस्त की पत्नी से शादी कर न सिर्फ उसे नया जीवन दिया, बल्कि उसकी तीन बेटियों के सिर से भी ‘सहारे की छत’ हटने नहीं दी। युवक ने शहर के शाहपुर स्थित सूर्य मंदिर में घर-परिवार के कुछ लोगों की मौजूदगी में सादगी से शादी रचाई। युवक और महिला ने सूर्यदेव को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और एक नई जिंदगी की शुरुआत की।
महिला के पति की 2025 मे सड़क हादसे में हो गई थी मौत : मिली जानकारी के मुताबिक, मई 2025 में सड़क हादसे में नीतीश ठाकुर की मौत हो गई थी। नीतीश के निधन के बाद उनकी पत्नी सोनी कुमारी और तीन छोटी बेटियां पूरी तरह असहाय हो गई थीं। परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई तक का संकट खड़ा हो गया था। ऐसे मुश्किल वक्त में नीतीश के दोस्त नवलेश ठाकुर ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली। वह लगातार परिवार की मदद करता रहा।
दोनों परिवार की रजामंदी के बाद हुई मंदिर में शादी : इसी दौरान उसने एक बड़ा और साहसिक फैसला लिया। अपने दोस्त के घरवालों से नीतीश की पत्नी से शादी करने का प्रस्ताव रखा। शादी से पहले दोनों परिवारों की सहमति ली गई। सभी पहलुओं को समझने और जांचने के बाद दोनों पक्ष इस रिश्ते के लिए तैयार हो गए। आखिरकार, सादगी के साथ यह शादी संपन्न हुई और सोनी को एक नई जिंदगी मिल गई।
इस शादी के साथ ही सोनी की तीनों बेटियों को एक बार फिर पिता का स्नेह और सुरक्षा मिल गई। शादी के बाद नवलेश अपनी पत्नी और तीनों बेटियों को लेकर अपने घर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर रवाना हो गया।
प्राइवेट कंपनी में काम करने के दौरान हुई थी नीतीश और नवलेश में दोस्ती : परिजनों ने बताया कि नवलेश ठाकुर और सोनी के पहला पति मृतक नीतिश ठाकुर दोनों दोस्त थे। दोनों में दोस्ती शाहजहांपुर में प्राइवेट कंपनी में काम करने के दौरान हुई थी। दोनों उसी कंपनी में एक साथ काम करते थे। नीतीश की मौत के बाद नवलेश ने दोस्त की विधवा को दी जा रही सहायता के बावजूद परिजन सोनी की तीन बेटियों ज्योति (8), शिवानी (6) और परी (4) के भरण पोषण और शिक्षा को लेकर बेहद चिंतित थे। इसी दौरान नवलेश ने सोनी के साथ शादी करने के प्रस्ताव ने परिवार को सोनी के लिए नई जिंदगी की शुरुआत की उम्मीद जगाई। दोनों परिवार ने औरंगाबाद के सूर्य मंदिर में सादगी से साथ दोनों की शादी करा दी।
