DRDO : हेलीकॉप्टर से नौसैनिक लघु-श्रेणी रोधी मिसाइल का पहला सफल प्रक्षेपण, रक्षा मंत्री ने दी बधाई

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नई दिल्ली : रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ( डीआरडीओ ) और इंडियन नेवी ने ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट से दूर भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म से नौसैनिक लघु-श्रेणी रोधी मिसाइल (एनएएसएम-एसआर) का पहला सफल प्रक्षेपण किया। परीक्षण के दौरान एक ही हेलीकॉप्टर से दो मिसाइलें त्वरित गति से दागी गईं, जो इस उन्नत वायु-प्रवेशित जहाज-रोधी मिसाइल प्रणाली का पहला सामूहिक लॉन्च था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसैनिक लघु-श्रेणी रोधी मिसाइल के पहले सफल प्रक्षेपण के लिए डीआरडीओ, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और उद्योग जगत के साथ-साथ डीसीपीपी भागीदारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस मिसाइल के विकास से सशस्त्र बलों की क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी।

DRDO ने कुछ दिन पहले आर्मड प्लेटफार्म का अनावरण : इससे पहले, वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान की तरफ से डिजाइन और विकसित किए गए उन्नत बख्तरबंद प्लेटफार्म (ट्रैक और पहिएदार) का अनावरण रक्षा विभाग (अनुसंधान एवं विकास) के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने 25 अप्रैल को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित डीआरडीओ की प्रयोगशाला में किया था।

दोनों प्लेटफार्म स्वदेशी रूप से डिजाइन : इन प्लेटफार्मों को रक्षा बलों की उभरती परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है। दोनों प्लेटफॉर्म स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित 30 मिमी क्रूलेस टरेट से लैस हैं, जिनमें गतिशीलता, मारक क्षमता और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्नत विशेषताएं हैं।

अभी 65 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग : 30 मिमी क्रूलेस बुर्ज और 7.62 मिमी पीकेटी गन को एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों को लॉन्च करने के लिए भी कॉन्फ़िगर किया गया है। मूल डिजाइन को कई भूमिकाओं के लिए कॉन्फ़िगर किया जा सकता है। इसमें 65 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है और इसे बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने की योजना है।