रांची : झारखंड सरकार के श्रम विभाग ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक प्रवासी श्रमिक की मौत की सूचना की पुष्टि के लिए वहां स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। अधिकारी ने कहा कि यदि इस सूचना की पुष्टि होती है तो गिरिडीह जिले के बगोदर क्षेत्र के रहने वाले श्रमिक का पार्थिव शरीर भारत लाने की व्यवस्था की जाएगी।
भारतीय दूतावास को भेजी गई : राज्य प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम प्रमुख शिखा लकड़ा ने बताया कि उन्हें दुबई में बीमारी के कारण 40-वर्षीय लालचंद महतो की मौत की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी भारतीय दूतावास को भेज दी गई है, ताकि मौत की पुष्टि हो सके और इसके बाद पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था की जा सके।”
2 महीने में ही नौकरी से निकाला गया : प्रवासी श्रमिकों के मुद्दों पर काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने महतो के परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि महतो जनवरी में दुबई गए थे। लेकिन करीब दो महीने काम करने के बाद कंपनी ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। नौकरी जाने के बाद उन्हें काम और रहने की जगह ढूंढ़ने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पासपोर्ट और वीजा खो जाने से उनकी परेशानियां और बढ़ गईं। उनके परिजनों ने लगातार उन्हें स्वदेश वापस लाने के लिए मदद की गुहार लगाई।
प्रवासी श्रमिकों ने सहायता उपलब्ध कराई : उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले दुबई में काम कर रहे झारखंड के कुछ प्रवासी श्रमिकों ने महतो से संपर्क किया, उन्हें भोजन उपलब्ध कराया और भारत वापसी की व्यवस्था कराने का प्रयास शुरू किया। अली ने कहा कि बाद में उनके साथियों ने परिजनों को महतो के बीमार पड़ने और निधन होने की सूचना दी।
