पटना : रांची से पटना आ रही वंदे भारत का इंजन बीच रास्ते में ही खराब हो गया। मालगाड़ी से सहारे ट्रेन को गयाजी तक लाया गया। गया जी जंक्शन पर इंजन दुरुस्त करने का प्रयास असफल रहा। रांची से सवा चार बजे खुली ये ट्रेन रात डेढ़ बजे के बाद पटना पहुंची। करीब साढ़े नौ घंटे यात्री परेशान रहे।
ट्रेन में कुछ यात्रियों ने रेल मंत्रालय को एक्स पर पोस्ट कर भी इसको लेकर शिकायत की। पटना जंक्शन पर ट्रेन से उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। इधर, मामले में धनबाद डीआरएम, सीनियर डीसीएम के अलावा रांची डीआरएम को मैसेज और कॉल करने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। रांची डीसीएम श्रेया सिंह ने पूछने पर कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
रांची-पटना वंदे भारत का इंजन फेल : दरअसल, रांची से पटना आ रही प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत (22350) में बीच रास्ते में ही तकनीकी खराबी आ गई। इसे एक मालगाड़ी के इंजन के सहारे किसी तरह बरकाकाना से गया तक पहुंचाया गया। फिर यहां से मालगाड़ी के इंजन के सहारे ही करीब साढ़े तीन घंटे की देरी से रात 1:38 बजे पटना पहुंची। दरअसल, रांची-पटना वंदे भारत शाम करीब 4.15 बजे रांची से रवाना हुई और मेसरा स्टेशन पर इसमें खराबी आ गई। लोको पायलट ने ठीक करने का प्रयास किया। थोड़ी देर बाद ट्रेन खुली, लेकिन मेसरा में ही फिर खड़ी हो गई।
स्पीड नहीं पकड़ पा रही थी गाड़ी : एमआर प्रेशर खराब होने से ट्रेन गति नहीं पकड़ पा रही थी। लेकिन, पायलट ने किसी तरह शाम 7.05 बजे ट्रेन को बरकाकाना तक पहुंचाया। यहां एक घंटे तक मरम्मत का प्रयास किया गया। इसके बाद पायलट ने हाथ खड़े कर दिए और सहायक इंजन की मांग की। फिर मालगाड़ी का इंजन जोड़कर ट्रेन को रवाना किया गया और यह ढाई घंटे विलंब से गया पहुंची। इसके बाद पटना के लिए चली।
मालगाड़ी की इंजन बनी खेवनहार :
- बरकाकाना स्टेशन पर करीब एक घंटे तक तकनीकी टीम ने ट्रेन की मरम्मत करने की कोशिश की, फिर पायलट ने हाथ खड़े कर दिए।
- मालगाड़ी का सहायक इंजन वंदे भारत से जोड़ा गया, जिसके सहारे ट्रेन बरकाकाना से ढाई घंटे की देरी से गयाजी जंक्शन पहुंची।
- धनबाद डीआरएम, सीनियर डीसीएम और रांची डीआरएम से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
- रांची डीसीएम श्रेया सिंह को इस घटना के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। साढ़े नौ घंटे तक यात्री ट्रेन में परेशान रहे।
