नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत छह आरोपियों को कड़कड़डूमा कोर्ट ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया है। अंकित की हत्या 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगे के दौरान कर दी गई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने हुसैन को आईपीसी की धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 के तहत दोषी ठहराया है। हालांकि आईपीसी की धारा 120बी और 129 के तहत बरी कर दिया गया है।
ताहिर हुसैन, नाजिम और कासिम को छोड़कर इस मामले में अन्य तीन अभियुक्तों को जमानत मिल गई। हुसैन की जमानत याचिका पिछले साल सितंबर में हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी। यह मामला दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। अंकित के पिता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। दंगों के दौरान जब उनका बेटा लापता हो गया था , तब उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अंकित का शव बाद में एक नाले से बरामद हुआ। इसके बाद उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
शिकायतकर्ता ने एफआईआर दर्ज कराई : शिकायतकर्ता का बेटा अंकित शर्मा, जो खुफिया ब्यूरो में अधिकारी है। वह उस दिन शाम लगभग पांच बजे किराने का सामान और घरेलू उपयोग की चीजें खरीदने के लिए घर से निकला था। हालांकि, कई घंटे बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटा। बाद में उसका शव चांद बाग पुलिया के पास एक नाले में पड़ा मिला। उसके सिर, चेहरे, छाती, पीठ और कमर पर धारदार हथियारों से गहरे घाव थे। शिकायतकर्ता ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बेटे की हत्या के लिए ताहिर हुसैन और उसके साथियों को आरोपी बताया था।
मार्च 2023 में ट्रायल कोर्ट ने आरोप तय किए : अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि उनके शरीर पर धारदार हथियारों और कुंद बल के कारण 51 चोटें आई थीं। मार्च 2023 में ट्रायल कोर्ट ने ताहिर हुसैन, हसीन, नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम, शोएब आलम और मुंतजिम के खिलाफ आरोप तय किए।नाजिम पर शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत भी आरोप लगाए गए थे।
समझाने से नाराज होकर दंगाइयों ने ले ली थी जान : वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे। इसी दौरान जब अंकित शर्मा आरोपियों को शांत करने और उनसे कानून हाथ में नहीं लेने का आग्रह कर रहे थे। तभी उन्हें पकड़ लिया गया और उनकी जान लेने के बाद शव नाले में फेंक दिया गया था।
एआईएमआईएम के टिकट पर लड़ चुका है विधानसभा चुनाव : ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी का पूर्व पार्षद रह चुका है। पिछले साल संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान ताहिर हुसैन ने ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की सदस्यता ले ली थी और मुस्तफाबाद सीट से चुनाव लड़ा था। लेकिन चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा।
