विधानसभा चुनाव : आज पांच राज्य के लिए होगी वोटों की गिनती, पश्चिम बंगाल पर सभी की निगाहें; सुरक्षा कड़ी 

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नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के लिए आज यानी चार मई को वोटों की गिनती होगी। काउंटिंग सुबह 8 बजे से शुरू होगी। सबसे पहले शुरू के आधा घंटे पोस्टल बैलेट की गिनती होगी। इनके बाद ईवीएम में पड़ी वोटों की। दोपहर तक पिक्चर साफ होना शुरू हो जाएगी कि किस राज्य में किसकी सरकार बनने जा रही है किसकी नहीं।

पांचों राज्यों में सुरक्षा के सबसे तगड़े बंदोबस्त पश्चिम बंगाल में किए गए हैं। जहां 77 काउंटिंग सेंटरों पर लोकल पुलिस के अलावा सीआरपीएफ और बीएसएफ समेत सीएपीएफ के 20 हजार जवानों को तैनात किया गया है। तमाम काउंटिंग सेंटरों को एक तरह से छावनी बना दिया गया है। जहां पुलिस फोर्स का भारी बंदोबस्त किया गया है।
 
बंगाल में हिंसा भड़क सकती है-सूत्र : सूत्रों का कहना है कि ऐसे खुफिया इनपुट मिल रहे हैं। जिसमें पश्चिम बंगाल में सोमवार को हिंसा भड़क सकती है। इसके लिए सीएपीएफ की 200 कंपनियों को काउंटिंग सेंटरों पर और 500 कंपनियों को पश्चिम बंगाल में अलग-अलग अतिसंवेदनशील जगहों पर तैनात किया गया है। लोकल पुलिस फोर्स अलग से तैनात की गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह खुद बंगाल में डेरा डाले हुए हैं। बख्तरबंद गाड़ियों के साथ पेट्रोलिंग की जा रही है। काउंटिंग सेंटरों के आसपास भी किसी अनजान शख्स को फटकने नहीं दिया जा रहा। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से एक फाल्टा सीट पर 21 मई को फिर से मतदान कराया जाएगा। इस सीट को छोड़ते हुए यहां 25 जिलों में बाकी बची 293 सीटों के लिए नतीजे सोमवार को आ जाएंगे।

77 आईपीएस को अलग से तैनात किया गया : चुनाव आयोग ने पहली बार यहां सभी 77 काउंटिंग सेंटरों की सुरक्षा-व्यवस्था और सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में 77 आईपीएस को अलग से तैनात किया है। जो हर सेंटर में आने-जाने वालों को सुनिश्चित करेंगे। साथ ही सभी सीटों के लिए वोटों की गिनती होने के दौरान इनकम टैक्स के 458 काउंटिंग आब्र्जवर नियुक्त किए हैं। यह सभी इनकम टैक्स अफसर हैं।

इनमें सबसे अधिक आबजर्वर साउथ 24 परगना जिले की 31 सीटों के लिए 45 आबजर्वर, पुरुलिया में नौ सीटों के लिए 15, पश्चिम बर्धमान की नौ सीटों पर दो गुना 18,दार्जिलिंग की पांच सीटों पर 10, जलपाईगुड़ी की सात सीटों के लिए 14 और मुर्शिदाबाद 22 सीटों के लिए 33 आबर्जवर तैनात किए गए हैं।

सभी की निगाहें पश्चिम बंगाल पर : सब की निगाहें पश्चिम बंगाल पर टिकी हुई हैं। इस बार के चुनाव में जिस तरीके से टीएमसी और बीजेपी के बीच लगातार टकराव की खबरें आती रहीं। उसे देखते हुए इस राज्य के नतीजे बेहद दिलचस्प होने वाले हैं। देखना होगा कि क्या बीजेपी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का किला ढहाने में कामयाब हो पाई या फिर दीदी ने बीजेपी को तगड़ी पठकनी दे डाली।

अगर ममता बनर्जी यहां अपना दुर्ग बचाने में कामयाब हो पाती हैं तो ना केवल बंगाल में बल्कि विपक्ष में भी उनका कद और बड़ा हो जाएगा। लेकिन अगर बीजेपी ने उनके दुर्ग को ढहा दिया तो यह बीजेपी के लिए 2029 आम चुनाव के लिए भी बड़ी कामयाबी के रूप में काम करेगा। हालांकि, यहां अधिकतर एग्जिट पोल में बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान जताया है। यहां महिला और साइलेंट वोटर बीजेपी और टीएमसी की किस्मत तय करने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं।

तमिलनाडु की सियासत में हो सकता है बड़ा उलटफेर : पश्चिम बंगाल के बाद सियासत की दुनिया में तमिलनाडु भी हॉट बना हुआ है। यहां की सियासत में बड़ा उलटफेर हो सकता है। देखना होगा कि क्या यहां की सत्ताधारी DMK गठबंधन लगातार दूसरी बार सरकार बनाने में कामयाब हो पाती है या नहीं। हालांकि, अभिनेता से नेता बने विजय फैक्टर यहां चौंकाने वाला रह सकता है।

देखना होगा कि विजय की TVK सत्ताधारी पार्टी के वोट बैंक में सेंधमारी करते हुए सियासत में क्या नया रंग घोलती है। देखना होगा कि क्या विजय की पार्टी तमिलनाडु में ‘द्रविड़ राजनीति’ (DMK-AIADMK) के दशकों पुराने वर्चस्व को चुनौती देने में कामयाब होती है या नहीं। हालांकि, अधिकतर एग्जिट पोल में तमिलनाडु में डीएमके (DMK) गठबंधन दौड़ में सबसे आगे बताया गया।

असम में क्या बीजेपी लगा पाएगी ‘हैट्रिक’? : एग्जिट पोल के दावों की मानें तो लगभग सभी एग्जिट पोल असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की सरकार बनने का दावा किया। लेकिन देखना होगा कि क्या मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपना किला बचाने में कामयाब हो पाते हैं। उनके नेतृत्व में क्या बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज हो सकेगी। कांग्रेस गठबंधन पर भी निगाह हैं। क्या कांग्रेस को यहां अभी और सियासी वनवास काटना होगा। अगर बीजेपी असम में लगातार तीसरी बार जीतती है तो कांग्रेस के साथ-साथ गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी के लिए भी यह सियासी तौर पर बड़ा झटका होगा।

केरल में कांग्रेस का क्या होगा? : आज मतगणना में केरल भी सुर्खियों में रहेगा। देखना होगा कि क्या यहां वामपंथी गठबंधन (LDF) का क्या होता है। क्या केरल में सत्ता परिवर्तन हो जाएगा। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) का क्या होगा। क्या स्पष्ट बहुमत मिल सकेगा। यह भी देखना होगा कि अगर केरल में लेफ्ट की हार होती है तो 73 साल में पहली बार देश के किसी भी राज्य में लेफ्ट की सरकार नहीं होगी।

क्या पुडुचेरी में खिलेगा ‘कमल’? : आज रिजल्ट आने के बाद यह भी देखना होगा कि क्या केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस और बीजेपी गठबंधन वाली NDA सत्ता बरकरार रख पाएगा या नहीं। वैसे, अधिकतर एग्जिट पोल सर्वे में एनडीए को 30 में से 16-20 सीटें दी गईं हैं। जिससे आराम से सरकार बन रही है। देखना होगा कि क्या कांग्रेस यहां कोई करिश्मा करती दिख रही है या नहीं।