रांची : मध्य पूर्व में जारी युद्ध और वैश्विक स्तर पर गहराते तेल संकट का असर चार्टर और एयर एंबुलेंस के किराये पर भी देखने को मिला है। रांची से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, वेल्लोर और हैदराबाद के लिए चार्टर और एयर एंबुलेंस का किराया दोगुना हो गया है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हवाई सेवाओं का किराया दोगुना हो गया है। इससे व्यावसायिक यात्रियों के साथ-साथ गंभीर मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई है।
एविएशन फ्यूल की कीमतों में ढाई गुना बढ़ोतरी : एक रिपोर्ट के अनुसार पहले रांची से दिल्ली के लिए चार्टर विमान बुक करने में करीब 6.5 लाख रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब यही किराया बढ़कर 13 लाख रुपये तक पहुंच गया है। विमानन कंपनियों का कहना है कि एविएशन फ्यूल की कीमतों में ढाई गुना तक बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण संचालन लागत में बढ़ोतरी हुई है।
चार्टर और एयर एंबुलेंस किराया में बढ़ोतरी :
हवाई सफर पहले का किराया – अब नया किराया
- रांची-दिल्ली 6.5 लाख – 13 लाख
- रांची-मुंबई 11-12 लाख – 16-17 लाख
- रांची-चेन्नई 11-12 लाख – 17-18 लाख
- रांची-वेल्लोर 12-13 लाख – 17-18 लाख
- रांची हैदराबाद 8.5-9 लाख – 15-16 लाख
रांची से हर महीने 20 उड़ानें संचालित : रिपोर्ट्स के अनुसार रांची से हर महीने औसतन 20 चार्टर और एयर एंबुलेंस उड़ानें संचालित होती है। ये उड़ान रांची से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों के लिए उड़ान भरते हैं।
मेंटेनेंस और क्रू चार्ज समेत अन्य खर्चों में भी बढ़ोतरी : एविएशन फ्यूल के अलावा मेंटेनेंस, क्रू चार्ज, एयरपोर्ट टैक्स और अन्य खर्चों में भी बढ़ोतरी हुई, जिसका सीधा असर चार्टर सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों और एयर एंबुलेंस सेवा पर पड़ा है।
आने वाले समय में किराये में और बढ़ोतरी संभव : विमानन कंपनियों से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि फ्यूल की कीमतों में कमी नहीं आती है तो आने वाले समय में किराये में और बढ़ोतरी हो सकती है।
