कोलकाता : अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी की कोलकाता के लेक टाउन स्थित 70 फीट ऊंची प्रतिमा को सोमवार को सुरक्षा कारणों से हटा दिया गया। हाल के दिनों में आए तेज तूफानों और आंधी के बाद प्रतिमा के हिलने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और पुलिस ने संयुक्त निरीक्षण किया। जांच में प्रतिमा के आधार से जुड़े बोल्ट और संरचनात्मक हिस्सों में खामियां पाए जाने के बाद इसे तत्काल हटाने का फैसला लिया गया।
ट्रक में लादकर ले जाया गया : पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से प्रतिमा को सावधानीपूर्वक उसके चबूतरे से अलग कर ट्रक पर लाद दिया। फिलहाल प्रतिमा को विभाग की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। इसे दोबारा कहां स्थापित किया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, रवींद्र सरोवर और इको पार्क संभावित स्थानों के रूप में चर्चा में हैं।
पिछले साल किया गया था निर्माण : यह प्रतिमा दिसंबर 2025 में मेस्सी की कोलकाता यात्रा के दौरान स्थापित की गई थी। फुटबॉल विश्व कप ट्रॉफी थामे मेस्सी की इस प्रतिमा का उद्घाटन स्वयं मेस्सी ने वर्चुअल माध्यम से किया था। करीब 70 फीट ऊंची इस संरचना को दुनिया की सबसे ऊंची फुटबॉलर प्रतिमाओं में से एक बताया गया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
किसने किया था निर्माण : प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार मोंटी पाल और उनकी टीम ने किया था। इसे रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया और फुटबॉल प्रेमियों के बीच यह जल्द ही आकर्षण का केंद्र बन गई। लेकिन मई के अंतिम सप्ताह में स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि तेज हवाओं के दौरान प्रतिमा खतरनाक तरीके से झूल रही थी। इसके बाद इंजीनियरों ने इसे असुरक्षित घोषित कर दिया। इस परियोजना का नेतृत्व पूर्व मंत्री सुजीत बोस ने किया था, जिन्हें हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगर पालिका भर्ती घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। प्रतिमा हटाए जाने के बाद अब इसके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
