यूपी : कानपुर के अस्पताल संचालक की हैवानियत … कार में युवती का गला घोंटा, फिर निर्वस्त्र कर फेंका शव

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कानपुर : उत्तर प्रदेश में कानपुर-उन्नाव हाईवे से लेकर बुलंदशहर के आम के बागों तक फैली एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र से बीती 21 मई को रहस्यमयी ढंग से अगवा हुई एक युवती की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उन्नाव के एक रसूखदार ‘उत्तम हॉस्पिटल’ के संचालक देवकांत उत्तम ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी।

शादी के झांसे, यौन शोषण के मुकदमे की खुन्नस और फिर चलती स्कॉर्पियो कार में गला घोंटकर हत्या… इस वारदात की स्क्रिप्ट किसी थ्रिलर फिल्म से भी ज्यादा खौफनाक है। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए युवती के शव को निर्वस्त्र  कर बुलंदशहर के एक बगीचे में फेंक दिया गया था। कानपुर की पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी के भतीजे को गिरफ्तार कर इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है।

पुलिस भर्ती की तैयारी के दौरान अस्पताल संचालक के चंगुल में फंसी थी बेटी : इस दर्दनाक दास्तान की शुरुआत साल 2024 में हुई थी। कानपुर के बर्रा की रहने वाली एक युवती उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए उन्नाव में रह रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हुई, तो वह इलाज के लिए उन्नाव के शेखपुर स्थित ‘उत्तम हॉस्पिटल’ गई। अस्पताल के संचालक देवकांत उत्तम की नजर उस मासूम युवती पर पड़ी और उसने इलाज के बहाने उसका मोबाइल नंबर ले लिया।

इसके बाद देवकांत ने मीठी-मीठी बातों और शादी का झांसा देकर युवती को अपने जाल में फंसा लिया और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। जब युवती ने उस पर शादी करने का दबाव बनाया, तो रसूखदार डॉक्टर ने साफ इनकार कर दिया। खुद को ठगा हुआ महसूस कर युवती ने हार नहीं मानी और बीती 19 मई को उन्नाव कोतवाली में देवकांत उत्तम के खिलाफ यौन शोषण (रेप) की नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी।

रेप केस की खुन्नस-चलती स्कॉर्पियो में घोंटा गला : मुकदमा दर्ज होते ही डॉक्टर देवकांत उत्तम के सिर पर खून सवार हो गया। उसने अपने रसूख और करियर को बचाने के लिए युवती को रास्ते से हटाने की एक खौफनाक साजिश रची। 21 मई की दोपहर देवकांत ने अपने भतीजे विवेक पटेल से युवती को फोन करवाया और केस के सिलसिले में समझौता करने व मिलने के बहाने कानपुर के बर्रा बाईपास पर बुलाया।

जैसे ही युवती भरोसे में आकर उनकी स्कॉर्पियो कार में बैठी, कार को विवेक चलाने लगा और पिछली सीट पर बैठे देवकांत ने युवती का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद दोनों लाश को कार में ही लेकर उन्नाव के शेखपुर स्थित अपने अस्पताल पहुंचे।

पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद को मारी गोली : उन्नाव पहुंचने के बाद मुख्य आरोपी देवकांत वहीं उतर गया और उसने अपने भतीजे विवेक और अस्पताल के सुरक्षा गार्ड अजीत सिंह को शव ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी सौंपी। विवेक और गार्ड अजीत सिंह शव को कार में लेकर गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते रात के अंधेरे में बुलंदशहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के अल्हौड़ गांव पहुंचे।

वहां उन्होंने पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए युवती के सारे कपड़े उतार दिए और शव को पूरी तरह निर्वस्त्र कर आम के बाग में फेंक कर फरार हो गए। 22 मई की सुबह बुलंदशहर पुलिस को अज्ञात शव मिला, जिसका शिनाख्त न होने पर 24 मई को पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, कानपुर में बेटी के लापता होने पर मां ने 24 मई को बर्रा थाने में देवकांत के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।

शातिर भतीजे विवेक ने पुलिस को गुमराह करने के लिए 28 मई को खुद को गोली मार ली और आरोप मृतका व उसके परिचितों पर मढ़ दिया। लेकिन हैलट अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही जब बर्रा पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और सारा राज उगल दिया। मुख्य आरोपी देवकांत पहले ही बर्रा थाने में आत्मसमर्पण कर चुका है।

कलाई के कलावे और नाक की कील से मां ने की लाडली की शिनाख्त : बर्रा पुलिस जब आरोपी विवेक को लेकर बुलंदशहर पहुंची, तो वहां 22 मई को लावारिस हालत में मिले शव की कलाई पर बंधे पवित्र कलावे और नाक की सोने की कील को देखकर बदहवास मां की चीख निकल गई। मां ने रोते हुए अपनी लाडली बेटी की शिनाख्त की।

डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने (धारा 302, 201) के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और फरार गार्ड की तलाश में दबिश दी जा रही है।