नई दिल्ली : पंजाब की हाई-सिक्योरिटी वाली कपूरथला सेंट्रल जेल के अंदर शनिवार रात करीब 8:30 PM बजे हिंसक झड़पें हुईं, जिससे जेल अफरा-तफरी का मैदान बन गई. भारी हिंसा की वजह से जेल की बैरकों को काफी नुकसान हुआ और जेल के कुछ हिस्सों में आग लगाने की कोशिश की गई.जानकारी के मुताबिक, 2 कैदियों के बीच हुई छोटी सी कहासुनी की बात के बाद विवाद तेज़ी से बढ़ गया. जिससे दोषी कैदियों और अंडरट्रायल कैदियों के बीच खूनी झड़प हो गई.
आपको बता दें कि शनिवार रात को हाई-सिक्योरिटी वाली कपूरथला सेंट्रल जेल में कैदियों के बीच हुई बड़ी ख़ूनी झड़प के बाद बहुत ज़्यादा डर फैल गया है. छोटी सी कहासुनी के बाद इतने बड़े पैमाने पर यह बात बढ़ गई कि दंगे, तोड़-फोड़ और आगजनी हो गई. गुस्साए कैदियों ने सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया, अंदर की दीवारें गिरा दीं और जेल के कई हिस्सों में आग लगाने की कोशिश की.
माहौल इतना बिगड़ गया कि जेल गार्ड को इमरजेंसी अलर्ट बटन दबाना पडा और हूटर बजाना पड़ा. शांति बनाए रखने के लिए रीजनल डिस्ट्रिक्ट पुलिस डिपार्टमेंट से तुरंत भारी फोर्स की रिक्वेस्ट करनी पड़ी. शाम के लॉकडाउन शेड्यूल के दौरान एक कैदी की दूसरे कैदी से ज़ोरदार बहस हो गई. यह बहुत थोड़ी देर में मारपीट में बदल गयी और उसमें अन्य कैदी भी शामिल होगए और दो गुटों में बट गए. उसके बाद यह झगड़ा काफी तेज़ी से बढ़ गया क्योंकि दोषी कैदियों और अंडरट्रायल कैदियों के कई ग्रुप इस झगड़े में शामिल हो गए.
उसके बाद जैसे-जैसे मारपीट तेज हुई, दंगाई कैदियों ने अपना गुस्सा जेल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर निकालना शुरू कर दिया. कैदियों ने बैरक नंबर 4 की अंदर की दीवारों के कुछ हिस्सों को तोड़ने के लिए मलबे और भारी चीज़ों का इस्तेमाल कर अंदरूनी सिक्योरिटी घेरा तोड़ दिया. इस अफरा-तफरी के बीच, ड्यूटी पर मौजूद जेल सिक्योरिटी कर्मचारी जो झगड़ा कर रहे ग्रुप को शांत करने के लिए अंदर आए, उन पर कथित तौर पर घात लगाकर हमला कर दिया गया और उनसे जम कर मारपीट की गई. कहा जा रहा है कि कुछ कैदियों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.
सेल ब्लॉक के अंदर से लिए गए कई बिना वेरिफ़ाईड वीडियो क्लिप सोशल मीडिया और डिजिटल मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म पर तेज़ी से वायरल होने लगे. लीक हुए फुटेज में, अफ़रा-तफ़री मची हुई दिखाई दे रही है और कैदी खुलेआम जेल अधिकारियों पर जानलेवा हमला करने और उनकी आवाज़ को दबाने के लिए गोलियां चलाते दिख रहे हैं.
कुछ ऑडियो ट्रैक में, कैदियों को ज़ोर-ज़ोर से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि सिक्योरिटी कार्रवाई के दौरान एक कैदी को गोली मार दी गई थी. हालांकि, राज्य के बड़े एडमिनिस्ट्रेटर्स और मेडिकल डिपार्टमेंट्स ने किसी भी फायरआर्म डिप्लॉयमेंट, गोली लगने या गंभीर रूप से घायल होने के बारे में ख़बर लिखने तक ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं दी है.
सीनियर पुलिस कमांडर घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचे. जेल में इस तरह की अराजकता की घटना के बाद बड़े अधिकारियों की तैनाती कर जेल में एमएजेंसी लगा दी गई है. जिला पुलिस प्रशासन के कई बड़े अधिकारियों की वहां तैनाती की गई है. कपूरथला के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP), अपनी बड़ी टैक्टिकल टीमों के साथ खुद मौके पर पहुंचे और हालात को काबू करने की कोशिश की.
भड़काने वालों को अलग करने और दंगा करने वाले ग्रुप्स को वापस सुरक्षित सेल में भेजने के लिए कई घंटों तक चले एक बड़े ऑपरेशन के बाद, जालंधर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) ने देर रात मीडिया ब्रीफिंग जारी की, जिसमें लोगों को भरोसा दिलाया गया कि हालात पर कामयाबी से काबू पा लिया गया है.
सरकार की तरफ से निर्देशों के बाद पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने इस मामले में हाई-लेवल जांच शुरू कर दी है. स्पेशल फोरेंसिक और जेल ऑडिट टीमों ने बैरक के अंदर हुए बड़े स्ट्रक्चरल नुकसान का अंदाज़ा लगाना शुरू कर दिया है. जांच अधिकारी जेल में कैदियों की उस समय की मूवमेंट की वीडियोज़ और क्लोज़ कैमरा रिकॉर्डिंग को भी खंगाल रहै है. लीक मोबाइल वीडियो को स्कैन भी करके देखी जा रहा है कि आखिर घटना के पीछे असली वजह क्या रही. जिससे आगजनी और हिंसा भड़काने के लिए ज़िम्मेदार सरगनाओं की सिस्टमैटिक तरीके से पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके.
एक बड़ा सवाल यह है कि इन वीडिओज़ के बाहर आने और सोशल मीडिया पर वायरल होने से यह तस्वीर साफ हो गई है कि लगभग सभी कैदी धड़ल्ले से जिलों के अंदर मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. साथ ही सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल अंदर होता है. जेल प्रशासन की मौजूदगी के बाद वह इंटरनेट पर दिखाई दे रहे हैं तो इससे यह साफ सही होता है की जेल के अंदर धड़ल्ले से मोबाइल इस्तेमाल हो रहे हैं और साथ ही सोशल मीडिया का भी पूरा एक्सेस कैदियों को है. जो रिपोर्ट अंदर से धमकी देने वाली आती है वह भी पुख्ता साबित हो रही है.
