नई दिल्ली : चीन के शांक्सी प्रांत में एक कोयला खदान में हुए गैस विस्फोट में कम से कम 90 लोगों की मौत हो गई। हादसे के समय बड़ी संख्या में मजदूर खदान के अंदर मौजूद थे। आइए विस्तार से जानते हैं।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में करीब 247 मजदूरों के खदान में फंसे होने की आशंका जताई गई थी। शनिवार सुबह एजेंसी ने पहले आठ लोगों की मौत और 38 मजदूरों के फंसे होने की जानकारी दी थी, बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 82 हो गई। लेकिन शनिवार शाम तक मृतकों की संख्या बढ़कर 90 हो गई।
हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। बचाव दल लगातार खदान के भीतर फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घायलों के इलाज और फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, खदान का संचालन करने वाले अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि विस्फोट की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती जांच में खदान के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर तय सीमा से काफी ज्यादा पाया गया। यह गैस बेहद जहरीली और बिना गंध वाली होती है, जो बंद जगहों में जानलेवा साबित हो सकती है।
हादसे के बाद चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने राहत कार्य के लिए छह रेस्क्यू टीमों के 345 कर्मचारियों को मौके पर भेजा है। बचाव दल लगातार मलबा हटाने और खदान के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
चीन के शांक्सी प्रांत में हुए भीषण कोयला खदान हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में बड़ी संख्या में मजदूरों की मौत होने की खबर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना प्रकट की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि चीन के शांक्सी प्रांत में हुए खनन हादसे में लोगों की मौत की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने भारत की जनता की ओर से राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन के लोगों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि इस दुखद घड़ी में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति मिले और जो लोग अब भी लापता हैं, उनकी जल्द और सुरक्षित बरामदगी हो।
गौरतलब है कि 2000 के दशक की शुरुआत में चीन की कोयला खदानों में ऐसे घातक हादसे आम थे। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा मानकों को सख्त किया गया है, लेकिन इस ताजा हादसे ने एक बार फिर खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
