बिहार : झारखंड में पोस्टेड दारोगा के प्रमाण पत्र पर बांका में बना हुआ था शिक्षक, 30 साल बाद बर्खास्त

Banka-Fraud-Teacher-Jharkhand

बांका : बिहार के बांका जिले में सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल करने के लिए फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति दूसरे के नाम और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर करीब तीन दशक तक सरकारी शिक्षक के पद पर नौकरी करता रहा। मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग ने पिछले 10 वर्षों से उसका वेतन बंद कर रखा था। अब शुक्रवार को विभाग ने उसे तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

शिक्षा विभाग ने लिया एक्शन : जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, बर्खास्त किए गए शिक्षक मनोज कुमार बाराहाट प्रखंड के प्रोन्नत मध्य विद्यालय नगरी जानूकित्ता में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि उन्होंने रांची में पदस्थापित पुलिस इंस्पेक्टर मनोज कुमार के नाम, पते और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर शिक्षक की नौकरी प्राप्त की थी।

फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी : विभागीय जांच में सामने आया कि वर्ष 1994 में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की ओर से आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में वास्तविक मनोज कुमार सफल हुए थे। हालांकि, परीक्षा में सफलता के बाद उन्होंने शिक्षक पद पर योगदान नहीं किया, बल्कि उसी वर्ष बिहार पुलिस सेवा में आरक्षी अवर निरीक्षक के पद पर योगदान दे दिया। बाद में वे पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचे। इसके बावजूद उनके नाम और प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर एक दूसरे व्यक्ति ने बांका में शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली।

गंभीर हुआ पूरा मामला : मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और शिक्षा विभाग की ओर से जांच की गई। इस संबंध में मोहनपुर थाना में कांड संख्या 216/23 दर्ज है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सीसीआर रांची की ओर से भी मामले की जांच की गई थी। पुलिस से प्राप्त दस्तावेजों और विभागीय जांच में शिक्षक के अभिलेखों तथा पते में कई विसंगतियां सामने आईं।

दारोगा के सर्टिफिकेट पर नौकरी : शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक से शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, मैट्रिक और इंटर के प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था। कई बार अवसर दिए जाने के बावजूद वे संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।

विभाग ने किया बर्खास्त : जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सह संचालन पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14(1) के तहत उन्हें सहायक शिक्षक के पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।