पटना : बिहार की सम्राट सरकार ने सोमवार देर रात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले और नई तैनातियां की हैं। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 9 आईपीएस अधिकारियों को ट्रांसफर-पोस्टिंग करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
पंकज कुमार को रेलवे पुलिस के आईजी का अतिरिक्त प्रभार : जारी आदेश के मुताबिक पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नागरिक सुरक्षा पंकज कुमार राज को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) का आईजी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें रेलवे पुलिस के आईजी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं आईजी तकनीकी सेवाएं एवं संचार एस. प्रेमलथा को मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का नया आईजी बनाया गया है।
संजय कुमार को मिला बीएसएपी के आईजी का प्रभार : अधिसूचना के अनुसार विशेष शाखा के पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार को अतिरिक्त जिम्मेदारी देते हुए बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) के आईजी का भी प्रभार सौंपा गया है। सरकार ने आईजी स्तर के साथ-साथ डीआईजी स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं के डीआईजी सुधीर कुमार पोरिका को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) का डीआईजी नियुक्त किया गया है।
सुशांत कुमार सरोज बने बिहार एटीएस के डीआईजी : वहीं सुशांत कुमार सरोज को आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) का डीआईजी बनाया गया है। इसके अलावा उन्हें डीआईजी ट्रैफिक, पटना का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-5 का समादेष्टा नियुक्त किया गया है।
वहीं डीआईजी बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के पद पर कार्यरत दीपक रंजन का तबादला कर उन्हें अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) में डकैती निरोध शाखा का डीआईजी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त मनीष कुमार सिन्हा को अश्वारोही विशेष सशस्त्र पुलिस, आरा का समादेष्टा नियुक्त किया गया है। अजय कुमार को विशेष सुरक्षा दल (एसएसजी) का समादेष्टा बनाया गया है।
बिहार सरकार की ओर से किए गए इन प्रशासनिक फेरबदल को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों की नई तैनाती से अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, आतंकवाद निरोधी गतिविधियों और विशेष सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
