कोलकाता : ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस के 19 बागी सांसदों के नाम सामने आए गए हैं। जिन्होंने बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार के अगुवाई में अलग गुट बनाने का फैसला किया है। 2024 के लोकसभा चुनावों में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी ने राज्य की कुल 42 लोकसभा सीटों में 29 पर जीत हासिल की थी। बीजेपी 12 और कांग्रेस को एक सीट मिली थी। चुनावों के बाद टीएमसी के बशीरहाट से सांसद हाजी नुरुल इस्लाम की मौत हो गई थी।
टीएमसी के 2024 लोकसभा चुनाव में जीते सांसद : मिताली बाग, शत्रुघ्न सिन्हा, यूसुफ पठान, अरुप चक्रवार्ती, काकोली घोष दस्तीदार, डॉ. शर्मिला सरकार,पार्थ भौमिक, एस के नुरुल इस्लाम, शताब्दी रॉय, असित कुमार मल, कीर्ति आजाद, जगदीश चंद्र बासुनिया, अभिषेक बनर्जी, सौगात राय, दीपक (देव) अधिकारी, रचना बनर्जी, प्रसून बनर्जी, सायोनी घोष, खलील उर रहमान, कालीपदा सोरेन, प्रतिमा मंडल, माला रॉय, सुदीप बंदोपाध्याय, महुआ मोइत्रा, बापी हल्चर, जून मलियाह, अबु ताहिर खान, कल्याण बनर्जी और सजदा अहमद
टीएमसी के 19 बागी सांसदों के नाम : काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई वाले बागी गुट में पत्र पर जिन सांसदों ने दस्तखत किए हैं। शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल), काकोली घोष (बरसात), जगदीश चंद्र बसुनिया (कूच बिहार), खलील उर रहमान (जंगीपुर), यूसुफ पठान (बहरामपुर), अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद), पार्थ मौमिक (बैरकपुर), बापी हलधर (मथुरापुर), सायोनी घोष (जादवपुर), माला रॉय (कोलकाता साउथ), मिताली बाग (आरामबाग), दीपक अधिकारी (घाटल), कालीपद सोरेन (झालग्राम), जून मालिया (मेदिनीपुर), अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा), शर्मिला सरकार (वर्धमान ईस्ट), असित कुमार मल्ल (बोलपुर), शताब्दी रॉय (बीरभूम) और बंगाल में दीदी नंबर-1 शो की वजह से चर्चा में आईं अभिनेत्री रचना बनर्जी (हुगली) का नाम शामिल है।
ममता बनर्जी के पास कौन से सांसद बचे : ममता बनर्जी के बाद बचे सांसदों की संख्या अब सिंगल डिजिट में रह गई है। काकोली घोष ने 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया था। बाद में इनकी संख्या और बढ़ने की बात सामने आई थी। टीएमसी के 19 सांसदों के नाम सार्वजनिक होने के बाद अब ममता बनर्जी के खेमे में सिर्फ गिने-चुने सांसद ही बचे हैं। राज्यसभा के दो सांसदों ने इस्तीफा दिया है। इनमें सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव शामिल हैं। दोनों के अब बीजेपी से राज्यसभा जाने की चर्चा है। बंगाल की बशीरहाट सीट खाली है। यहां से टीएमसी जीती थी। बगावत करने वालों में सायाेनी घोष का चौंकाने वाला नाम हैं। उन्होंने बंगाल चुनावों में ममता बनर्जी को 2029 के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट किया था।
ममता बनर्जी के पास बचे सांसद (संभावित) : कीर्ति आजाद, अभिषेक बनर्जी, सौगात राय, प्रसून बनर्जी, प्रतिमा मंडल, सुदीप बंदोपाध्याय, महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सजदा अहमद
ममता बनर्जी के कितनी ताकत बची? : ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के पास लोकसभा में कुल 28 सांसद हैं। 19 से 20 सांसदों की बगावत के बाद उनके खेमे में अब सिर्फ 9 सांसद ही शेष बचे हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 80 विधायकों में टीएमसी के 58 विधायकों ने अलग गुट बनाया था इसकी अगुवाई ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। उनका दावा है कि अब उनके पास 64 विधायकों का समर्थन है। ऐसे में राज्यसभा में टीएमसी के 13 सांसद थे। दो सांसदों के इस्तीफे के बाद अब वहां पर संख्याबल 11 का रह गया है। ऐसे में ममता बनर्जी की बंगाल में सीएम की कुर्सी गंवाने के बाद अब राजनीतिक तौर पर कमजोर हो गई हैं।
