पटना : बिहार चुनाव में हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव आज दो अहम बैठक की। पहली बैठक वह राजद के जीते हुए विधायकों के साथ की। वही दूसरी बैठक महागठबंधन के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ की। दो दिन पहले वह दिल्ली गए थे। आज दिल्ली से लौटते ही वह अपने आवास पर बैठक की। महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक का नेतृत्व भी तेजस्वी यादव ने ही किया। इसमें उन्हें महागठबंधन का विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
इधर, बैठक खत्म होने के बाद तेजस्वी यादव आवास से बाहर निकले, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं राजद के एक विधायक ने बताया कि शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले बैठक बुलाई गई थी। सत्र में कैसे विपक्ष की भूमिका निभाई जाए। कम संख्या होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि क्रांति के लिए एक ही आदमी काफी होता है। महागठबंधन के पास तो 35 हैं।
बिहार विधानसभा सत्र एक दिसंबर से शुरू हो रहा रहा है। इसके लेकर भी आज की बैठक काफी महत्वपूर्ण है। सत्र में राजद और विपक्ष की कार्यशैली कैसी रहेगी? किन मुद्दों पर सरकार को घेरा जाए? बिहार चुनावी में हार के मुख्य कारणों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें महागठबंधन के सभी 35 विधायकों पहुंचे। इसमें राजद के 25, कांग्रेस के छह, भाकपा माले के दो और आईआईपी व सीपीएम के एक-एक विधायक शामिल हैं। महागठबंधन के प्रमुख नेता को भी आमंत्रित किया गया है, वह भी इस बैठक में शामिल हुए।
