J&K : उरी सेक्टर में LoC के पास हुए धमाके में 2 जवानों की मौत, महाराष्ट्र के रहने वाले थे दोनों सैनिक

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श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास हुए एक धमाके में दो सैनिकों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उरी सेक्टर के कमलकोट इलाके में हुई। धमाके में दोनों सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि मृत सैनिकों की पहचान अर्जुन जाधव और विक्रम बालकृष्ण के रूप में हुई है। दोनों महाराष्ट्र के निवासी थे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें श्रीनगर के बादामीबाग छावनी स्थित सेना के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दोनों सैनिक 8 राष्ट्रीय राइफल्स से संबद्ध थे।

श्रीनगर में सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज साहू ने बताया कि धमाका उरी सेक्टर के कमलकोट इलाके में हुआ था। दो जवान घायल हुए। अस्पताल पहुंचने पर दोनों जवानों को मृत घोषित कर दिया गया। धमाके के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

एलओसी पर सेना डटी : जम्मू-कश्मीर में बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों से होकर लगभग 740 किलोमीटर लंबी एलओसी गुजरती है। जम्मू डिवीजन में एलओसी पुंछ, राजौरी और आंशिक रूप से जम्मू जिले में स्थित है। इसके अलावा, केंद्र शासित प्रदेश की लगभग 240 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा सांबा, जम्मू और कठुआ जिलों से होकर गुजरती है। एलओसी की सुरक्षा भारतीय सेना करती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जिम्मे है। सीमा पार से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दोनों बल सीमा क्षेत्रों में तैनात रहते हैं।

एंट्री ड्रोन यूनिट्स : ड्रोन खतरों से निपटने के लिए एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन प्रणालियां तैनात की गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी नेटवर्क और उनके समर्थक तत्व ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद, नकदी और मादक पदार्थ भारतीय क्षेत्र में पहुंचाने का प्रयास करते हैं। इन सामग्रियों को आतंकवादी संगठनों से जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) एकत्र करते हैं और बाद में उन्हें जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों तक पहुंचाते हैं।

J&K में ही, 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की तैयारी के लिए राज्य पुलिस और CAPF की कंपनियों ने पहलगाम में एक बड़ी संयुक्त मॉक ड्रिल की। केंद्र शासित प्रदेश की सरकार ने पहलगाम और बालटाल यात्रा रूट को 1 जुलाई से यात्रा खत्म होने तक “नो-फ्लाई ज़ोन” घोषित कर दिया है। सरकार ने कहा है कि यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ बंद रहेंगी।