गुवाहाटी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के काजीरंगा को एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात देते हुए काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन किया। यह परियोजना न केवल पूर्वोत्तर भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और विकास के संतुलन का भी एक बेहतरीन उदाहरण बनेगी। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, जो दुनिया भर में एक सींग वाले गैंडे और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, लंबे समय से यातायात दबाव और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या से जूझ रहा था। इस एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है।
काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग के उस हिस्से पर बनाया जाएगा, जो काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरता है। यह कॉरिडोर ऊँचाई पर निर्मित होगा, जिससे उसके नीचे से वन्यजीव बिना किसी बाधा के सुरक्षित रूप से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जा सकेंगे। खासकर मानसून के दौरान, जब बाढ़ के कारण जानवर ऊँचे इलाकों की ओर पलायन करते हैं, तब यह कॉरिडोर उनकी सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा। इससे वन्यजीवों की सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में भारी कमी आने की संभावना है।
यह परियोजना केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय विकास के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने से असम के प्रमुख शहरों और ऊपरी असम के इलाकों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। इससे यात्रा का समय घटेगा, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और माल परिवहन अधिक सुगम हो सकेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन के अवसर पर यह संदेश दिया कि सरकार विकास के साथ-साथ पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर इसी सोच का प्रतीक है, जहां आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखने का प्रयास किया गया है। यह परियोजना भविष्य में देश के अन्य संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखी जाएगी।
कुल मिलाकर, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना असम और पूर्वोत्तर भारत के लिए एक दूरदर्शी कदम है। यह न सिर्फ यातायात और विकास को नई गति देगा, बल्कि काजीरंगा की अमूल्य जैव विविधता की रक्षा करते हुए उसे सुरक्षित और संरक्षित बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
