प्रयागराज : मौनी अमावस्या पर संगम तट श्रद्धालु डुबकी लगा रहे हैं। आज साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का अनुमान है। इसे देखते हुए मेला पुलिस सक्रिय है। सुरक्षा के मद्देनजर मेला पुलिस क्षेत्र में जल, थल और नभ से निगरानी कर रही है।
पुलिस से झड़प की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में अधिकारी मय फोर्स संगम तट पर पहुंच गए। पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से नीचे नहीं उतरने दिया। कहा कि जुलूस के साथ संगम तट त जाने की अनुमति नहीं है। पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करें। इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति जाहिर की और पुलिस प्रशासन के रवैये को मनमाना बताया। घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेलाधिकारी ऋषिराज आदि अधिकारी पहुंच गए।
मौनी अमावस्या के मौके पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशासने संगम तक जाने से रोक दिया। उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोक दिया गया। इसको लेकर शंकराचार्य के समर्थक साधु संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही करने का आरोप लगाया गया। घटना के चलते संगम पर अफरातफरी का माहौल रहा।
मौनी अमावस्या के मौके पर संगम में पवित्र स्नान करने के लिए माघ मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर संगम में पवित्र स्नान करने के लिए श्रद्धालु माघ मेला क्षेत्र में लगातार आ रहे हैं।
