सिंगरौली : मध्य प्रदेश में एक और सोनम रंघुवंशी जैसा मामला सामने आया है। इंदौर की राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह सिंगरौली जिले में एक पत्नी ने शादी के महज 25 दिन बाद ही अपने प्रेमी और उसके दोस्तों संग मिलकर पत्नी की हत्या करा दी। हत्या को एक्सीडेंट बनाने का षड्यंत्र रखा था, लेकिन कॉल डिटेल ने राज उगल दिया।
पुलिस के अनुसार सिंगरौली जिले के सरई थाना अंतर्गत निवास चौकी पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। रजनिया कटरा के जंगल में मिली युवक की लाश कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि उसकी पत्नी द्वारा रची गई एक खौफनाक साजिश थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हादसे की शक्ल देने की थी नाकाम कोशिश : बीती 8 मार्च को रजनिया कटरा के जंगल में एक युवक का शव बरामद हुआ था, जिसके ऊपर उसकी मोटरसाइकिल पड़ी हुई थी। प्रथम दृष्टया यह सड़क दुर्घटना का मामला लग रहा था। मृतक की पहचान अजय वैश्य (निवासी खतरा, जिला सीधी) के रूप में हुई। अजय अपनी पत्नी के बुलावे पर अपनी ससुराल गन्नई जा रहा था।
शादी के महज 25 दिन बाद वारदात : पुलिस जांच में सामने आया कि अजय की शादी 12 फरवरी 2026 को उमा वैश्य से हुई थी। उमा इस शादी से खुश नहीं थी, क्योंकि वह इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में आए अमर बहादुर वैश्य से प्रेम करती थी। अमर बहादुर पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है। उमा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अजय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम :
- पत्नी उमा ने ही अजय को फोन कर मायके बुलाया था
- रास्ते में वह पल-पल की जानकारी अपने प्रेमी अमर दे रही थी
- रजनिया जंगल में अमर और चंद्रप्रकाश वैश्य ने बोलेरो से अजय को रोका
- अजय के साथ बेरहमी से मारपीट की
- सबूत मिटाने के उद्देश्य से हाथों में ग्लव्स पहनकर उसका गला घोंट दिया
- शव पर बाइक पटक दी ताकि पुलिस इसे एक्सीडेंट मानकर फाइल बंद कर दे
सरई थाना क्षेत्र में एक शव मिला था। कॉल डिटेल और जांच मे सामने आया कि शादी के महज 25 दिन के अंदर पत्नी ने ही अपने इंस्टाग्राम प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या करा दी थी। मनीष खत्री, पुलिस अधीक्षक सिंगरौली एमपी
कॉल डिटेल से खुली उमा-अमर की साजिश : संदेह होने पर जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल खंगाली, तो उमा और अमर बहादुर के बीच लगातार बातचीत के प्रमाण मिले। कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी उमा, प्रेमी अमर बहादुर और सहयोगी चंद्रप्रकाश को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
