झारखंड : गिरिडीह में वरमाला के दौरान दूल्हे को आया मिर्गी का दौरा, दुल्हन ने शादी से किया इनकार

Giridih-Marriage-Ceremony

गिरिडीह : एक दूल्हे को बीमारी के चलते शादी के मंडप से अविवाहित ही लौटना पड़ा। गिरिडीह जिले के देवरी क्षेत्र के एक गांव में यह घटना हुई। दूल्हे को वरमाला के दौरान अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया। यह देखकर दुल्हन ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया।

देवरी थाना क्षेत्र के एक गांव में सोमवार को रात में एक विवाह समारोह में अजीब हालात बने। जब इस शादी में वर और वधु की वरमाला का कार्यक्रम शुरू हुआ तभी अचानक दूल्हे को मिर्गी का दौरा पड़ गया। यह अप्रत्याशित स्थिति बनने पर विवाह समारोह में अफरा तफरी मच गई।

लड़की के परिवार ने किया शादी से इनकार : दूल्हे को मिर्गी की बीमारी होने का राज खुलने पर दुल्हन के परिवार के लोगों ने शादी से इनकार कर दिया। इस पर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया और रात भर हंगामा होता रहा।

बताया जाता है कि देवरी में बोकारो जिले के हरला क्षेत्र के महुआर गांव से बारात आई थी। इस विवाह समारोह में दूल्हा व दुल्हन वरमाला के लिए मंच पर पहुंचे। इसी बीच दूल्हे की तबीयत बिगड़ गई और उसे मिर्गी का दौरा पड़ गया। समारोह में मौजूद लोग दूल्हे की हालत देखकर अचरज में पड़ गए।

अविवाहित लौटा दूल्हा : इसके बाद वर और वधु पक्ष के बीच बीच विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों के बीच रात भर विवाद चला। आखिरकार उनमें समझौता नहीं हो सका और मंगलवार की सुबह बारात के साथ दूल्हा अविवाहित ही लौट गया। इस घटना की सूचना मिलने पर देवरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन विवाद को लेकर किसी भी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई।

मिर्गी के 70 प्रतिशत मरीज जीते हैं सामान्य जीवन : मिर्गी (Epilepsy) की बीमारी एक न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका संबंधी) स्थिति है। इसमें मस्तिष्क की नसों में असामान्य विद्युत गतिविधि के कारण दौरे पड़ते हैं। मिर्गी के दौरे आने पर बेहोशी, शरीर में झटके आना, अकड़न जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह लाइलाज बीमारी नहीं है। यह दौरे 30 सेकंड से 2 मिनट तक चल सकते हैं। इसका इलाज मुख्य रूप से एंटी-एपिलेप्टिक दवाओं से संभव है। इसे 70 प्रतिशत मामलों में नियंत्रित किया जा सकता है।

अधिकांश मामलों में मिर्गी आने के कारण पता नहीं चलते : जब किसी को मिर्गी का दौरा पड़े तो उसे करवट देकर लेटा देना चाहिए। उसके आसपास से खतरनाक या नुकसान पहुंचाने वाली चीजें हटा देना चाहिए। मरीज के मुंह में कोई चीज नहीं डाली जानी चाहिए। यदि दौरा पांच मिनट से अधिक समय तक चले तो मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।

मिर्गी आने का कारण सिर में चोट लगने, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, संक्रमण या मस्तिष्क में जन्मजात विकृति हो सकता है। हालांकि अधिकांश मामलों में इसका कारण ज्ञात नहीं होता है। मिर्गी के 70 फीसदी से अधिक लोग दवाओं से सामान्य जीवन जी सकते हैं।