झारखंड : गुमला की पांच बेटियां ने निभाया फर्ज , पिता के बाद मां की अर्थी को भी दिया कंधा- किया अंतिम संस्कार

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गुमला : झारखंड के गुमला में बेटियों ने एक बेटे का फर्ज निभा कर समाज को संदेश देने का प्रयास किया। पांच बेटियों ने अपनी मां की अंत्येष्टि कर बेटे के दायित्व के निभाया। शहरी के डीएसपी रोड निवासी स्वर्गीय कमासुख ओहदार की पत्नी कौशल्या देवी (76 वर्ष) का निधन सोमवार 23 मार्च 2026 को हो गया। कौशल्या देवी के निधन से परिवार और आसपास के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। कौशल्या देवी का जीवन सादगी, संघर्ष और परिवार के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।

पांच बेटियां ही थीं सहारा : कौशल्या देवी को कोई पुत्र नहीं था, उनकी पांच बेटियां ही उनका सहारा थी। समाज में अक्सर यह धारणा देखने को मिलती है कि अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कर्तव्यों का निर्वहन केवल पुत्र ही करता है। लेकिन इस परिवार की बेटियों ने इस सोच को बदलते हुए समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

पांच बेटियां ने मां की अर्थी को कंधा दिया : मंगलवार को जब अंतिम यात्रा निकली, तो उनकी पांचों बेटियां नीलिमा ओहदार, विद्या ओहदार, ज्योति ओहदार, अर्चना ओहदार और अल्पना ओहदार ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। बड़ी बेटी नीलिमा ओहदार ने पूरे विधि-विधान के साथ मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक करने वाला था।

पिता को भी बेटियों ने दिया था कंधा : इससे पहले भी इन पांचों बेटियों ने अपने पिता स्व. कमासुख ओहदार के निधन पर भी अर्थी को कंधा दिया था और अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई थी। बेटियों का यह साहसिक कदम समाज को एक मजबूत संदेश देता है कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं।