झारखंड : ‘हमारी नौकरियों को सब्जियों की तरह बेच रहे हैं’, JPSC-JSSC को लेकर आंदोलन तेज

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रांची : झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इस बीच आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठी छात्रा सबिता कुमार ने कहा कि ‘वे हमारे अधिकार छीन रहे हैं। हमारी नौकरियों को सब्जियों की तरह बेच रहे हैं।’ सबिता कुमारी उन छह प्रदर्शनकारियों में एक हैं, जो भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी यह भूख हड़ताल विद्यार्थियों के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन का हिस्सा है, जो गुरुवार को 13वें दिन भी जारी रहा।

जेपीएससी परीक्षा रद्द करने और नई समय-सीमा तय करने की मांग : सबिता कुमारी ने कहा, ‘हम न सिर्फ पीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं, बल्कि दोबारा परीक्षा के लिए एक तय समय-सीमा की भी मांग कर रहे हैं। वे हमारे अधिकार छीन रहे हैं और हमारी नौकरियां सब्जियों की तरह बेच रहे हैं।’ बता दें, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई को विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था।

CBI या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से जांच की मांग : प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करे या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक समिति करे। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

‘सबसे बड़ा नुकसान नौकरी का नहीं, भरोसे का है’ : एक और प्रदर्शनकारी राहुल क्रांति ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से सबसे बड़ा नुकसान ‘व्यवस्था पर से भरोसा उठना’ है। उन्होंने कहा कि ‘सबसे बड़ा नुकसान नौकरी का नहीं है। सबसे बड़ा नुकसान भरोसे का है।’ उन्होंने कहा कि स्टेडियम में मौजूद विद्यार्थियों के लिए यह प्रदर्शन कई परीक्षाओं से जुड़ा है। हम पारदर्शिता, जवाबदेही और इस बात की गारंटी चाहते हैं कि सरकारी नौकरियां पैरवी के बजाय योग्यता के आधार पर दी जाएं। बता दें, छात्रों के आंदोलन को सोनम वांगचुक ने भी अपना समर्थन दिया है।

प्रश्नपत्र लीक और ओएमआर में हेर-फेर के आरोप : एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है, जिसमें प्रश्नपत्र लीक, ओएमआर शीट में हेर-फेर और नौकरी के बदले पैसे का लेन-देन करने वाले नेटवर्क शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कई प्रदर्शनकारी दावा कर रहे हैं कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के ज़्यादातर सवालों के जवाब परीक्षा से पहले ही लीक हो गए थे, जिससे कई उम्मीदवार परेशान हो गए।