अग्नि-4 : भारत ने मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम

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नई दिल्ली : भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज किया गया। परीक्षण का संचालन रणनीतिक बल कमान की निगरानी में हुआ, जिसमें मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों को सफलतापूर्वक परखा गया।

रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा, ‘छह अगस्त को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया गया। इस प्रक्षेपण के दौरान सभी परिचालन और तकनीकी मानकों का सफलतापूर्वक सत्यापन हुआ। यह परीक्षण सामरिक बल कमान के तत्वावधान में किया गया।’

परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम : अग्नि-4 दो चरणों वाली ठोस ईंधन से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। जिसकी मारक क्षमता करीब 4,000 किलोमीटर तक बताई जाती है। यह मिसाइल परमाणु हथियारों के साथ-साथ पारंपरिक हथियारों को भी ले जाने में सक्षम है। भारत की बढ़ती ताकत देख चीन-पाकिस्तान की टेंशन बढ़ना तय है।

2007 में शुरू हुआ था अग्नि-4 का विकास : रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ( DRDO ) ने साल 2007 में 5,000 किलोमीटर कैटेगरी की मिसाइल परियोजना पर काम शुरू किया था। साल 2011 में अग्नि-4 नाम उस उन्नत संस्करण को दिया गया, जिसे हैदराबाद स्थित DRDO की एडवांस्ड मिसाइल लैब ने विकसित किया था।

इस मिसाइल में अग्नि-2 प्राइम के मुकाबले कई तकनीकी सुधार किए गए हैं। इसमें ज्यादा शक्तिशाली पहला चरण मोटर, बेहतर दूसरा चरण मोटर, आधुनिक गाइडेंस सिस्टम और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली शामिल हैं।

कई बार हो चुका है सफल परीक्षण : अग्नि-4 का पहला परीक्षण साल 2010 में किया गया था। इसके बाद 20 जनवरी 2014 को इसे 4,000 किलोमीटर की दूरी तक सफलतापूर्वक दागा गया। इस परीक्षण में मिसाइल करीब 850 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंची और बाद में हिंद महासागर में अपने निर्धारित लक्ष्य पर गिरी।

इसके बाद रणनीतिक बल कमान ने 2 दिसंबर 2014 को पहला यूजर ट्रायल किया, जिसमें मिसाइल ने 3,500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की। इसके अलावा 2015, 2017 और 2018 में भी इसके सफल परीक्षण किए गए।

अग्नि-4 की खासियतें :

  • अग्नि-4 मिसाइल की लंबाई करीब 20 मीटर है।
  • इस मिसाइल का वजन लगभग 17,000 किलोग्राम है
  • जानकारी के मुताबिक, अग्नि-4 मिसाइल की मारक क्षमता 4,000 किलोमीटर है
  • यह मिसाइल 1,000 किलोग्राम पेलोड ले जा सकती है

इसके साथ ही मिसाइल में अत्याधुनिक नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। इसमें रिंग लेजर जाइरोस्कोप आधारित इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम और फ्लेक्स सील थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 4,000 किमी की दूरी पर इसकी सटीकता 100 मीटर से कम दूरी तक है।